हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर से संबंध रखने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुखिया एवं प्रमुख अभियंता (ENC) नरेंद्र पाल सिंह को सरकार ने छह महीने की एक्सटेंशन दी है। आज (30 अप्रैल) रिटायर होने वाले एनपी सिंह अब 31 अक्टूबर 2026 तक इसी पद पर बने रहेंगे। इस फैसले से PWD इंजीनियर अंदरखाते नाराज है। हालांकि, सेवा शर्तों में बंधे इंजीनियर कार्रवाई के डर से इस पर खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। हैरानी इस बात की है कि सुक्खू सरकार ने 7 अप्रैल 2026 को ही सरकारी अधिकारी व कर्मचारी को सेवा विस्तार और पुनः नियुक्ति नहीं देने का फैसला लिया था। तब मुख्य सचिव गुप्ता ने मोस्ट अर्जेंट ऑर्डर जारी करके सभी विभागाध्यक्षों को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने को कहा था। मगर सरकार ने अपने ही ऑर्डर का 23 दिन बाद खुद वॉयलेशन किया। ENC को सेवा विस्तार देने के बाद सरकार के फैसले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस पर आपत्ति जता रहे हैं, क्योंकि इस तरह एक्सटेंशन और री-एम्प्लॉयमेंट देने से विभाग का प्रमोशन चैनल प्रभावित होता है। इससे पात्र अधिकारी-कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही रिटायर हो जाते हैं। कैसे प्रभावित होता है प्रमोशन चैनल? आसान शब्दों में समझें तो एन.पी. सिंह अगर आज रिटायर होते, तो आज ही उनकी जगह सीनियरिटी में अगले नंबर के चीफ इंजीनियर को E-N-C पद पर प्रमोट किया जाता। फिर चीफ इंजीनियर की जगह किसी अधीक्षण अभियंता (SE) को प्रमोशन मिलता। ठीक इसी तरह SE की जगह किसी अधिशासी अभियंता (EE), EE की जगह सहायक अभियंता (SDO) और SDO की जगह किसी कनिष्ठ अभियंता (JE) को प्रमोशन मिलता। मगर E-N-C को एक्सटेंशन देने से यह प्रमोशन चैनल रुक गया है। इसी तरह, हर विभाग में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को एक्सटेंशन या री-एम्प्लॉयमेंट देने से प्रमोशन चैनल प्रभावित होता है। चीफ सेक्रेटरी के दोनों आदेश बता दें कि, चीफ सेक्रेटरी ने बीते 7 अप्रैल को जब एक्सटेंशन और री-एम्प्लॉयमेंट नहीं देने के आदेश जारी किए थे, तो ‘मोस्ट अर्जेंट’ बताते हुए सभी विभागीय सचिवों को इन आदेशों का पालन करने को कहा गया था। मगर E-N-C नरेंद्र पाल को चीफ सेक्रेटरी ने खुद ही एक्सटेंशन के आदेश जारी कर दिए।

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