हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा-आरएसएस नेता राम माधव के हालिया बयानों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से जारी एक बयान में उन्होंने केंद्र की विदेश नीति को ‘छद्म राष्ट्रवाद’ करार देते हुए कहा कि वाशिंगटन में भारत की ‘मजबूत छवि’ का सरेंडर हो चुका है। विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि हिमाचल की संस्कृति एकजुट होकर चलने की है। उन्होंने कहा, “एक जिम्मेदार मंत्री के रूप में मेरा मत साफ है कि हिमाचल के उत्थान के लिए हम केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। विकास के एजेंडे पर हम राजनीति नहीं चाहते, लेकिन सहयोग का अर्थ समर्पण कतई नहीं है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वे केंद्र की उन गलतियों पर चुप नहीं रहेंगे जो राष्ट्रीय गौरव को ठेस पहुँचाती हैं। ‘छप्पन इंच’ की विदेश नीति का फूटा गुब्बारा मंत्री ने राम माधव द्वारा वाशिंगटन के हडसन इंस्टीट्यूट में दी गई स्वीकारोक्ति का हवाला देते हुए कहा कि इसने ‘विश्वगुरु’ वाली छवि की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के रणनीतिकार ने विदेशी धरती पर गर्व से स्वीकार किया कि भारत ने बिना विरोध के 50% टैरिफ स्वीकार किए और अमेरिका को खुश करने के लिए रूस व ईरान से तेल खरीद सीमित करने का ‘समझौता’ किया। “यह बयान उस छद्म राष्ट्रवाद का प्रमाण है जो घर में तो दहाड़ता है, लेकिन विदेशी सरजमीं पर जाकर नतमस्तक हो जाता है।” — विक्रमादित्य सिंह ‘मर्दानगी का मुखौटा’ और कड़वी हकीकत विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र की “माचो-पॉलिटिक्स” (मर्दानगी की राजनीति) पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दशक से देश को गुमराह किया गया कि भारत किसी के दबाव में नहीं आता। उन्होंने कहा कि राम माधव के खुलासे ने साफ कर दिया है कि पर्दे के पीछे भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और व्यापारिक हितों की बलि चढ़ा दी है। उन्होंने सवाल किया कि विश्वसनीय मित्रों (रूस-ईरान) से किनारा करना क्या ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्षण है? आम जनता पर महंगाई की मार और ‘गुड बुक्स’ की राजनीति हिमाचल के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रदेश का आम नागरिक महंगे पेट्रोल-डीजल की मार झेल रहा है, तब यह जानना दुखद है कि सरकार ने केवल अमेरिका की ‘गुड बुक्स’ में रहने के लिए सस्ते तेल के विकल्पों को ठुकरा दिया। उन्होंने इसे देश की जनता के साथ विश्वासघात करार दिया। हमारा स्टैंड साफ: सहयोग भी और सवाल भी अपने बयान के अंत में विक्रमादित्य सिंह ने दोहराया कि वे राज्य की आर्थिक मदद और परियोजनाओं के लिए केंद्र के साथ हर मंच पर सहयोग को तैयार हैं, लेकिन देश की संप्रभुता से खिलवाड़ पर चुप नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि राम माधव की ‘माफी’ से सच नहीं छिप सकता और भाजपा को नारों के बजाय फैसलों में राष्ट्रवाद दिखाना चाहिए। हिमाचल की देवभूमि कभी अन्याय और समर्पण को स्वीकार नहीं करेगी।

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