शिमला जिले के उपमंडल रामपुर के खनेरी अस्पताल में लगभग 9 लाख रुपये की बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर टेस्ट मशीन पिछले एक महीने से निष्क्रिय पड़ी है। मशीन चालू न होने के कारण मरीजों को आवश्यक जांचों के लिए निजी लैब या अन्य अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे उन्हें समय और धन दोनों का नुकसान हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने मशीन के उपलब्ध होने के बावजूद उसके उपयोग न होने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है, जिन्हें जांचों के लिए बाहर जाना पड़ता है।लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से इस मशीन को जल्द से जल्द चालू करने की मांग की है, ताकि मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट मिल सके और उन्हें अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। लिवर से लेकर शुगर तक की होती है जांच यह मशीन लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) जैसे SGOT, SGPT, ALP, बिलीरुबिन और एल्ब्यूमिन, किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT/RFT) जैसे यूरिया, क्रिएटिनिन और यूरिक एसिड, तथा लिपिड प्रोफाइल में कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, HDL, LDL सहित कई महत्वपूर्ण जांचें करने में सक्षम है। इसके अतिरिक्त, ब्लड शुगर (फास्टिंग, PP, रैंडम ग्लूकोज), इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम), कैल्शियम और फास्फोरस की जांच भी इस मशीन से की जा सकती है। अधिकारी बोले- मशीनों के बंद होने की जानकारी नहीं इस संबंध में खनेरी अस्पताल, रामपुर के एमएस डॉ. रोशन कोंडल ने कहा कि उन्हें फिलहाल मशीन के बंद होने की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मशीन बंद होने और जांच प्रभावित होने की बात सही पाई जाती है, तो आवश्यक रीजेंट उपलब्ध कराकर जल्द ही जांचें शुरू करवा दी जाएंगी। डॉ. कोंडल ने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।