शिमला में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल को शिमला पहुंचेंगी। प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों दोनों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। इस दौरे के लिए लगभग 1000 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, जो करीब एक सप्ताह तक चलेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा संबंधी सख्ती मुख्य रूप से वीआईपी मूवमेंट के समय ही बढ़ाई जाएगी, जबकि अन्य समय में आम लोगों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। डीआईजी अंजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरे दौरे के लिए विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे और सुरक्षा कार्यों में कोई बाधा न आए। पर्यटकों को भी आश्वस्त किया गया है कि उनके यात्रा अनुभव में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। वैकल्पिक रास्तों को प्राथमिकता ट्रैफिक प्रबंधन के तहत, कम भीड़ वाले वैकल्पिक रास्तों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे शहर में सामान्य आवाजाही प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने लोगों से सड़कों पर अनावश्यक पार्किंग से बचने का आग्रह किया है। शहर में सड़कों को चौड़ा करने का काम भी जारी है, जिसका उद्देश्य भविष्य में ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। काफिले में 40 गाड़ियां शामिल रहेंगी राष्ट्रपति के काफिले में 40 गाड़ियां शामिल रहेंगी, और तीन स्थानों पर अलग-अलग काफिला तैनात किया जाएगा। आज से इसकी रिर्हसल शुरू होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने गाड़ियों की व्यवस्था कर दी है। इसमें बुलेट प्रूफ गाड़ियों को अन्य राज्यों से मंगवाया जाएगा। आइजीएमसी शिमला में दो वीवीआइपी स्पेशल वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं। राष्ट्रपति का ब्लड ग्रुप भी रिजर्व रखा गया है।

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