हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से संबंध रखने वाले प्रमुख उद्योगपति डॉ. महिंद्र शर्मा ने श्री बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए 1.01 करोड़ रुपये का दान दिया है। उन्होंने यह दानराशि का चेक श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को सौंपा। यह धनराशि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। इसका उपयोग देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन और यात्रा के दौरान हरसंभव सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। डॉ. महिंद्र शर्मा हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बढेड़ा राजपूतां गांव से आते हैं। जनसेवा उन्हें विरासत में मिली है, क्योंकि उनके पिता स्वर्गीय अमरनाथ शर्मा भी एक बड़े दानवीर थे। डॉ. महिंद्र शर्मा एएनएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के चेयरमैन हैं।मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। यह कंपनी रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी में अग्रणी मानी जाती है। इसके पहले भी कर चुके हैं कई धार्मिक कार्य डॉ. महिंद्र शर्मा श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य भी हैं। इससे पहले, उन्होंने 2018 में लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में चांदी का आवरण लगवाया था। इसके अतिरिक्त, 2023 में उन्होंने केदारनाथ धाम के चढ़ावे में पारदर्शिता लाने के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाला ग्लास हाउस भी स्थापित करवाया था। शक्ति पीठों के लंगर के लिए भी किए दान डॉ. शर्मा ने अन्य धार्मिक स्थलों पर भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्व विख्यात शक्तिपीठ वैष्णो देवी में प्रत्येक गुरुवार को तारकोट में लंगर सुविधा के लिए 1 करोड़ रुपये दान किए हैं, जो अक्टूबर 2030 तक जारी रहेगी। 2020 में, उन्होंने माता वैष्णो देवी में भव्य दुर्गा भवन के निर्माण के लिए भी 1 करोड़ रुपये दिए थे। अपने गृह जिले ऊना में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भगृह के चांदी आवरण के लिए भी उन्होंने लगभग 3 करोड़ रुपये दान किए थे। मंदिर समिति ने किया धन्यवाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने डॉ. महिंद्र शर्मा का समिति और श्रद्धालुओं की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दान अन्य उद्योगपतियों को भी धार्मिक कार्यों और दान के लिए प्रेरित करेगा। द्विवेदी ने आश्वासन दिया कि मंदिर समिति इस दान राशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विकसित करने के लिए ही करेगी।