हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में मशहूर पर्यटन स्थल कोकसर से पर्यटकों को भूखे-प्यासे लौटना पड़ रहा है। कोकसर में होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट तीन दिन से बंद है। इससे घाटी में टूरिज्म एक्टिविटी भी कम हुई है। दरअसल, कोकसर के डिंफुक नाले पर बांध बनना प्रस्तावित है। स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं और 25 अप्रैल तक सभी होटल, दुकानें और ढाबे विरोध में बंद करने का निर्णय लिया है। इससे बर्फ देखने की चाहत में कोकसर पहुंच रहे पर्यटकों को चाय-पानी और खाना भी नसीब नहीं हो रहा। डिंफुक नाले पर बांध बनाने के लिए केंद्रीय जल आयोग ने सर्वे भी करवा दिया है। ग्रामीणों को शंका है कि गांव के पास बांध बनने से उनके घरों को खतरा होगा और उनकी उपजाऊ जमीन बांध में समा जाएगी। इसे देखते हुए ग्रामीण किसी दूसरी जगह बांध बनाने की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पर्यटन गतिविधियों पर रोक इसी तरह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी अटल टनल का दौरा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए दृष्टिगत अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू तक सभी प्रकार की ड्रोन उड़ाने, पैराग्लाइडिंग जैसी पर्यटन गतिविधियां बंद कर दी गई है। पर्यटन गतिविधियां सिमटी इस वजह से कोकसर में पर्यटन गतिविधियां सिमट गई है और पर्यटन कारोबारी परेशान है। वहीं देशभर से बर्फ देखने की चाहत में पहुंच रहे टूरिस्ट अब शिकुंला दर्रा जा रहे है, लेकिन यहां 4×4 व्हीकल में ही पहुंचा जा सकता है। मनाली के टैक्सी ड्राइवर छाजूराम और दयासागर ने बताया कि कोकसर में लोगों के विरोध के कारण बहुत कम टूरिस्ट ही लाहौल जा रहा है। बांध की जगह बदलने की सीएम से करेंगे मांग कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरूपा और उपप्रधान प्रदीप आजाद ने बताया कि 25 अप्रैल तक कोकसर पंचायत में सभी प्रकार की गतिविधियां और फूड वेंडर बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक अनुराधा राणा की अगुवाई में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करेगा और बांध की जगह बदलने की मांग की जाएगी।

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