हिमाचल प्रदेश के शिमला ग्रामीण और किन्नौर जिला में कांग्रेस अध्यक्षों की ताजपोशी पार्टी की गुटबाजी के कारण लटक गई है। पार्टी ने अन्य सभी जिलों में तीन महीने पहले अध्यक्ष तैनात कर दिए है। मगर इन दो जिलों में इंतजार लंबा होता जा रहा है। इसी बीच राज्य में कभी भी पंचायत और नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज सकता है और सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास शिमला व किन्नौर जिला में संगठन ही नहीं है। इससे पार्टी नेताओं में भी नेतृत्व के खिलाफ रोष पनप रहा है। शिमला जिला से सुक्खू कैबिनेट में तीन मंत्री रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह है। ठियोग के विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर भी जिला के कद्दावर नेता है। सीएम सुक्खू के भी शिमला से अध्यक्ष पद के कई चाहवान है। ठियोग से संबंध रखने वाले दीपक राठौर सीधे राहुल गांधी के संपर्क में है। इन सब वजह से हाईकमान शिमला का कांग्रेस अध्यक्ष फाइनल नहीं कर पा रहा है। शिमला में लगभग दावेदार और किन्नौर में छह दावेदारों ने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन कर रखा है। शिमला में किस नेता की दावेदारी मजबूत.. दीपक राठौर: ठियोग विधानसभा से संबंध रखने वाले दीपक राठौर शिमला ग्रामीण अध्यक्ष की रेस में सबसे आगे गिने जा रहे हैं, क्योंकि वह दिल्ली में राहुल गांधी टीम का हिस्सा रहे हैं। वह लंबे समय तक राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन से जुड़े रहे हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में ठियोग में विद्या स्टोक्स का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी हाईकमान ने होली लॉज व वीरभद्र सिंह के विरोध के बावजूद दीपक राठौर को टिकट दिया था। सूत्र बताते हैं कि शिमला ग्रामीण में अध्यक्ष की ताजपोशी राठौर के कारण ही रुकी है, जबकि 11 अन्य जिलों में कांग्रेस हाईकमान पहले ही जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुका है। रूपेश कंवल: रूपेश कंवल कुमारसैन क्षेत्र से संबंध रखते हैं। उन्हें पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का करीबी माना जाता है। प्रतिभा सिंह ने रूपेश कंवल का नाम शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष के लिए आगे बढ़ाया है। यशपाल तनाइक: एससी समुदाय से जुड़े नेता हैं। वह, चौपाल विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखते हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय सिंह भी यशपाल के नाम की पैरवी कर रहे हैं। इस वजह से उनकी दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है। महेंद्र स्तान और सुधीर आजाद की दावेदारी कमजोर- शिमला ग्रामीण अध्यक्ष के लिए महेंद्र स्तान और सुधीर आजाद को भी पहले सबसे प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। हाईकमान ने महेंद्र स्तान को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव और सुधीर आजाद को सीएम सुक्खू ने HPMC का डायरेक्टर लगाया है। ऐसे में इन दोनों नेताओं की दावेदारों को अध्यक्ष की रेस से बाहर माना जा रहा है क्योंकि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल कई बार कह चुकी हैं कि वन मेन, वन पोस्ट का सिद्धांत लागू होगा। किन्नौर में जगत नेगी और निगम भंडारी आमने-सामने किन्नौर जिला में भी अध्यक्ष को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई। सूत्रों के अनुसार- किन्नौर में मंत्री जगत नेगी और युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निगम भंडारी सीधे तौर पर आमने- सामने है। जगत नेगी ने मौजूद उमेश नेगी, प्रेम कुमार और निर्मल चंद का नाम आगे किया है, जबकि निगम भंडारी को खुद भी जिला अध्यक्ष का बड़ा दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, निगम भंडारी अभी नेशनल यूथ कांग्रेस के सचिव और कर्नाटक यूथ कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने राम सिंह नेगी का नाम भी आगे किया है। इन दोनों नाम पर मंत्री जगत नेगी मानने को तैयार नहीं है। इस वजह से हाईकमान दुविधा में है। निगम भंडारी को भी राहुल टीम का हिस्सा माना जाता है। इसलिए पार्टी न तो निगम भंडारी और न ही मंत्री जगत नेगी को नजरअंदाज कर पा रही। इसलिए, सरप्राइजिंग नाम हो सकता है तय सूत्र बताते हैं कि, इन दोनों जिला में खेमेबाजी की वजह से कांग्रेस हाईकमान सरप्राइजिंग नाम दे सकता है, क्योंकि दोनों जिलों में कई बार सहमति बनाने का प्रयास किए जा चुके है। संगठन सृजन अभियान ने बदली तस्वीर इस बार कांग्रेस हाईकमान ने संगठन सृजन अभियान के तहत पहली बार जिला और ब्लॉक स्तर तक ऑब्जर्वर लगाए। इनकी रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश अध्यक्ष और 11 जिलों में अध्यक्ष लगाए गए। शिमला और किन्नौर जिला में भी ऑब्जर्वर की रिपोर्ट महत्वपूर्ण रहने वाली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि जल्द ही दोनों जिला में अध्यक्ष की तैनाती कर दी जाएगी।

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