कांग्रेस ने आगामी चुनावों से पहले सांगठनिक मशीनरी को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में 21 से 30 अप्रैल तक 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल होंगे, जो 29 अप्रैल को कांगड़ा पहुंचेंगे। इस शिविर में मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जिला अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। उन्हें जमीनी स्तर पर चुनाव जीतने की विशेष रणनीतियां सिखाई जाएंगी। बूथ मैनेजमेंट से लेकर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संगठन को अनुशासित कैडर-आधारित ढांचे में बदलना लक्ष्य कांग्रेस अब खुद को केवल जन-आधारित पार्टी तक सीमित नहीं रखना चाहती है, बल्कि नेतृत्व का लक्ष्य संगठन को एक अनुशासित कैडर-आधारित ढांचे में बदलना है। सेवाग्राम आश्रम की परंपरा का पालन करते हुए, प्रशिक्षण की शुरुआत सुबह के व्यायाम और फिटनेस सत्र से होगी, जिसके बाद देर शाम तक गंभीर कार्यशालाएं चलेंगी। जिला अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे राहुल राहुल गांधी इस दौरान जिला अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद करेंगे। उनका मुख्य जोर जमीनी चुनौतियों को समझने और संगठन के ढांचे को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए आवश्यक निर्देश देने पर रहेगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और उन्हें वैचारिक रूप से इतना मजबूत करना है कि वे विपक्षी विचारधारा का मुकाबला तथ्यों के साथ कर सकें। बूथ मैनेजमेंट पर भी होगी चर्चा चुनाव के दौरान अंतिम छोर के मतदाता तक पहुंचने के लिए विशेष बूथ मैनेजमेंट रणनीति पर चर्चा की जाएगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हिमाचल की जीत के उत्साह को जम्मू-कश्मीर और आगामी अन्य चुनावों में भी बरकरार रखने के लिए यह प्रशिक्षण शिविर महत्वपूर्ण साबित होगा। कांगड़ा को इस शिविर के लिए चुनने के पीछे इसका बड़ा राजनीतिक और रणनीतिक महत्व माना जा रहा है।

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