हिमाचल प्रदेश के चार जिले कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में आज भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछेक स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ आंधी-तूफान चलने का भी पूर्वानुमान है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और चंबा जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर 20 अप्रैल तक रहेगा। कल और परसों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिलों में ओलावृष्टि-तूफान का येलो अलर्ट दिया गया है। 19 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर से एक्टिव होगा। इस दिन अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश और आंधी चलने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा। इस दिन अधिक ऊंचे इलाकों में ही मौसम खराब रहेगा। 21 अप्रैल से मौसम साफ हो जाएगा। ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात के आसार इस दौरान लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात भी देखने को मिल सकता है, जबकि निचले व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश होगी। इससे तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट आएगी। अप्रैल में सामान्य से 66 प्रतिशत ज्यादा बारिश प्रदेश में अप्रैल के पहले 16 दिनों में सामान्य से 66 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 16 अप्रैल तक 34.5 मिमी सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 57.4 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। अगले तीन दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं हैं। सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ीं वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने सेब बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि प्रदेश में इन दिनों सेब की फ्लावरिंग चल रही है। फ्लावरिंग के दौरान मौसम का साफ रहना जरूरी होता है। बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि नुकसानदायक होती है। राज्य के कई क्षेत्रों में पहले ही ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को भारी नुकसान हो चुका है।

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