किन्नौर में हिमाचल प्रदेश जिला पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट एसोसिएशन किन्नौर के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री के किन्नौर प्रवास के दौरान हुई। प्रतिनिधि मंडल ने पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। इस प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई हिमाचल पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के सह-संयोजक ओपी नेगी ने की। इस अवसर पर एनजीओ के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट वाईजी नेगी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कर्मचारियों और पेंशनरों की कई मांगें लंबित सीएम से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए ओपी नेगी ने बताया कि प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों की कई वित्तीय मांगें लंबित हैं। उन्होंने 15 अप्रैल को रिकांगपिओ से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया और सरकार का आभार व्यक्त किया। नेगी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की 2016 से 2022 तक की लंबित मांगों को आगामी जेसीसी (JCC) बैठक के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जाएगा। पुरानी पेंशन योजना लागू रखने के निर्णय की सराहना प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश पर भारी आर्थिक दबाव के बावजूद पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू रखने के निर्णय की सराहना की। ओपी नेगी ने कहा कि एनपीएस के तहत मात्र 3,500 रुपए पेंशन पाने वाले कर्मचारियों को अब ओपीएस के कारण 30 से 40 हजार रुपए मासिक पेंशन मिल रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में ओपीएस बंद नहीं होगा, जिसे उन्होंने एक ऐतिहासिक कदम बताया।नेगी ने समानांतर पेंशनर गुटों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग केवल आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक संकट और केंद्र से मिलने वाली आरटीजी (RTG) सहायता बंद होने के बावजूद सरकार कर्मचारियों के हित में काम कर रही है। नेगी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री अन्य सभी लंबित मांगों का समाधान भी जल्द करेंगे।

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