मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र के नैण-ठाणा गांव में कॉलेज छात्रा सिया गुलेरिया की हत्या के बाद स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि बस सेवाएं सुचारु होतीं तो यह घटना टाली जा सकती थी। नैण गांव की पूर्व बीडीसी सदस्य नागेंद्र गुलेरिया ने बताया कि पिछले एक महीने से यहां तीन बस रूट बंद पड़े हैं। उनके अनुसार, यदि बसें चलतीं तो बच्चों को सुनसान रास्ते से नहीं गुजरना पड़ता और वे घर के पास से ही बस पकड़ सकते थे। माकपा सचिव भूपेंद्र सिंह ने भी कहा कि नियमित बस सेवा से संभवतः यह घटना टल जाती। डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर पकड़ती थी बस जानकारी के अनुसार, नैण-ठाणा के लिए दिन में तीन बार बसें चलती थीं, लेकिन पिछले लगभग एक महीने से ये सेवाएं ठप हैं। बसें न चलने के कारण छात्रा को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर गोपालपुर जाना पड़ा, जहां से वह बस पकड़ती थी। इसी दौरान रास्ते में एक नशेड़ी युवक ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर हत्या कर दी। बस सेवा बहाल करने की मांग भूपेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय नेताओं, विधायक और हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के अधिकारियों से बस सेवा बहाल करने की मांग की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। बसें बंद होने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बोले- बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण गई जान उन्होंने इस मामले में HRTC के क्षेत्रीय प्रबंधक की जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, बंद पड़े बस रूटों को तत्काल बहाल करने और गांव की सड़क की मरम्मत कराने की भी बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण एक होनहार छात्रा की जान चली गई, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

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