हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में अवैध लकड़ी जब्त करने गई वन विभाग की टीम पर हमला हुआ है। मसरूंड रेंज के तहत कलहेल-बाजली मार्ग पर सोमवार रात हुई इस घटना में अज्ञात हमलावरों ने पथराव किया, जिससे विभागीय वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए देवदार की खेप जब्त कर एक आरोपी को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी मसरूंड राजेश पठानिया के नेतृत्व में एक टीम गश्त पर थी। इस दौरान टीम ने 12 देवदार के स्लीपर बरामद किए, जिन्हें तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। टीम ने तत्काल भारतीय वन अधिनियम के तहत लकड़ी को कब्जे में ले लिया। ऊंची पहाड़ी से वन विभाग की टीम पर पथराव जब वन विभाग के कर्मचारी जब्त की गई लकड़ी को वाहन में लोड कर रहे थे, तभी पहाड़ी की ऊंचाई से अज्ञात हमलावरों ने टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में ब्लॉक अधिकारी की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसे वन रक्षक चला रहे थे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को सीधे तौर पर कोई चोट नहीं आई। वन विभाग ने पुलिस को सूचना दी हमले की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस बल के मौके पर पहुंचने के बाद ही वन विभाग की टीम लकड़ी सहित सुरक्षित स्थान पर पहुंच पाई। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अन्य हमलावर मौके से फरार हो गए। वन माफिया ने डराने के लिए किया हमला: राजेश वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश पठानिया ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वन माफिया ने टीम पर दबाव बनाने और डराने के लिए यह हमला किया है। उन्होंने बताया कि अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और हमले की शिकायत दर्ज करवा दी गई है। दोषियों की पहचान की जा रही है और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे हमलों से हमारा मनोबल नहीं गिरेगा पठानिया ने यह भी कहा कि ऐसे हमलों से विभाग का मनोबल नहीं गिरेगा, बल्कि भविष्य में गश्त और कड़ी की जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।