कांगड़ा जिले में ज्वालामुखी के गुम्मर स्थित कड़ोल भवन में कड़ोल कल्याण सभा की वार्षिक साधारण बैठक धूमधाम से आयोजित की गई। इस अवसर पर कांगड़ा जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. विवेक कड़ोल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बिरादरी के सदस्यों ने जठेरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मानव कल्याण और विश्व शांति के लिए हवन यज्ञ संपन्न किया। डॉ. विवेक कड़ोल ने इस अवसर पर कहा कि ईश्वर की स्तुति से आत्मिक शांति मिलती है, जो हमें मानव सेवा के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने जोर दिया कि जरूरतमंदों की मदद करना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय कड़ोल कल्याण सभा वहीं सभा के महासचिव राजीव कड़ोल ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सभा का गठन वर्ष 1998 में हुआ था। तब से यह निरंतर समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि बिरादरी के बुजुर्गों और माता-पिता के आशीर्वाद से ही समाज आगे बढ़ता है। भावी पीढ़ी को लेकर चिंता व्यक्त की राजीव कड़ोल ने भावी पीढ़ी को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी भाषा, जैसे हिंदी और अन्य क्षेत्रीय बोलियों, तथा संस्कारों से दूर न हो, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। बच्चों को अपनी बोली और संस्कृति से जोड़े रखना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। बिरादरी की एकजुटता पर हुई चर्चा बैठक में बिरादरी की एकजुटता के लिए तकनीक के महत्व पर भी चर्चा हुई। महासचिव ने बताया कि सोशल मीडिया और वर्चुअल ग्रुप्स के माध्यम से सदस्यों को जोड़ा जा रहा है, ताकि देश के किसी भी कोने में बैठे सदस्य समाज की गतिविधियों से अवगत रह सकें। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों को पहचानने और समाज के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया। कड़ोल कल्याण सभा द्वारा प्रतिवर्ष अप्रैल माह के दूसरे रविवार को यह वार्षिक समारोह और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया जाता है।

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