हिमाचल के कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिले के पूह उपमंडल की ग्राम पंचायत स्पीलो का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 2.50 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। मंत्री ने 1.15 करोड़ रुपये की लागत से बनी स्पीलो गांव के लिए संपर्क सड़क का शुभारंभ किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 1.10 करोड़ रुपये से निर्मित स्पीलो बाजार में पार्किंग का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 25 लाख की लागत से बनी उठाऊ सिंचाई योजना का लोकार्पण किया। नेगी ने अपने पुराने साथी को याद किया। उन्होंने कहा कि स्पीलो में जितनी भी योजनाएं बनी हैं, उनमें स्व. नरेश कुमार नेगी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जनसभा को भी किया संबोधित संपर्क सड़क, पार्किंग और उठाऊ सिंचाई योजना उनकी सोच का परिणाम थीं, और आज इन कार्यों का पूरा होना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, मनरेगा अधिनियम-2005 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम तत्कालीन कांग्रेस सरकार की देन हैं। जनजातीय लोगों को लाभ देने का लिया संकल्प उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार वन अधिकार अधिनियम (FRA) के माध्यम से जनजातीय लोगों को लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्व. मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार द्वारा लाए गए नौतोड अधिनियम-1968 का भी उल्लेख किया, जिससे जनजातीय लोगों और उपेक्षित वर्गों को भूमि का मालिकाना हक प्राप्त हुआ। नेगी ने बताया कि जिला किन्नौर के दुर्गम स्थानों को संपर्क सड़कों से जोड़ने का कार्य हो या जिला के विद्यालयों में गुणात्मक शिक्षा और नवीन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना हो, प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किन्नौर पर्यटन और सामरिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण राजस्व मंत्री ने कहा कि जिला किन्नौर पर्यटन और सामरिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर-टूरिज्म को खोलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सेना के लिए भारत की सीमा तक का सफर कम होगा। इससे बॉर्डर-टूरिज्म में वृद्धि होगी और युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है।

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