हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों के चयन और सत्यापन को लेकर संशोधन किया है। नए आदेशों के अनुसार, अब ऐसे परिवारों को भी बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत कम से कम 5 दिन काम किया हो। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार- जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए यह फैसला लिया गया है। आदेश में कहा गया कि बीपीएल सर्वे के पहले चरण से लेकर छठे चरण (फेज-1 से फेज-6) तक छूटे हुए पात्र आवेदकों पर भी अब विचार किया जाएगा। इसके साथ ही नए आवेदन भी 5 मई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर राज्यस्तरीय समिति द्वारा पंचायतवार बीपीएल परिवारों की सातवें चरण की लिस्ट जारी की जाएगी। इस सूची के जरिए पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। पहले से तैयार BPL लिस्ट में बदलाव नहीं होगा सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले के चरणों में की गई कार्रवाई और तैयार की गई सूचियां यथावत रहेंगी, जबकि सातवें चरण के लिए संशोधित मानकों के आधार पर सत्यापन, अनुमोदन और अपील की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। छूटे गए पात्र परिवार लिस्ट में शामिल हो सकेंगे ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक किसी कारणवश बीपीएल लिस्ट से बाहर रह गए थे। बता दें कि हिमाचल में चार-पांच महीने से पात्र बीपीएल परिवारों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इससे पहले पात्र परिवारों के चयन को छह चरण पूरे हो चुके है। अब सातवां चरण है।

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