हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों के सुचारू व समयबद्ध संचालन के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से पर्सनल डिपार्टमेंट ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, डिविजनल कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और बोर्ड/निगम, यूनिवर्सिटी, स्वायत्त संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों और सचिवों को भेजा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि चुनाव से संबंधित गतिविधियों में लगे अधिकारी-कर्मचारी स्टेट इलेक्शन कमीशन के नियंत्रण में रहेंगे और उनकी लगातार उपस्थिति और सतत निगरानी आवश्यक है। किसी भी प्रकार का ट्रांसफर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। कानूनी प्रावधानों के तहत आदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994- सेक्शन 160(3) और 160E, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994- सेक्शन 28(3) और 28(4) और हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1994- सेक्शन 9(2) और 9E में निहित प्रावधान के तहत ट्रांसफर पर बैन लगाया है। इन प्रावधानों के तहत चुनाव संचालन में लगे अधिकारी/कर्मचारी स्टेट इलेक्शन कमीशन की तैनाती पर रहेंगे और उनके नियंत्रण, पर्यवेक्षण एवं अनुशासन के अधीन होंगे। जरूरी हुआ तो इलेक्शन कमीशन की अनुमति जरूरी विशेष परिस्थितियों में यदि किसी की ट्रांसफर जरूरी होगी तो उस सूरत में इलेक्शन कमीशन से परमिशन जरूरी होगी। विभागाध्यक्ष को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसा कोई भी अधिकारी/कर्मचारी पदभार न छोड़े। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।