हिमाचल प्रदेश में चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 प्रोजेक्ट मामला तूल पकड़ रहा है। हाईकोर्ट के एडवोकेट विनय शर्मा ने बीते 24 मार्च को छोटा शिमला थाना में मुख्य सचिव संजय गुप्ता के खिलाफ शिकायत दी है। मगर पुलिस ने अब तक FIR नहीं की। शिमला पुलिस अब एडवोकेट की शिकायत राज्य सरकार को भेजने जा रही है। लिहाजा मुख्य सचिव पर FIR करनी है या नहीं, यह फैसला अब सरकार करेगी। विनय शर्मा का कहना है कि 1500 करोड़ रुपए के कथित जमीन घोटाले में उन्होंने एसडीएम सोलन की जांच रिपोर्ट के आधार पर FIR की मांग की है। फिर भी मामला दर्ज नहीं किया। वह अब पुलिस के रवैये को देखते हुए हाईकोर्ट में याचिका करने जा रहे हैं। इस बीच माकपा ने भी संजय गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। माकपा ने संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाकर उन्हें पद से हटाकर SIT जांच की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर सचिवालय घेराव की चेतावनी भी दी है। विनय शर्मा की शिकायत के बाद माकपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सरकार पर FIR के लिए दबाव बढ़ गया है। यही नहीं, राज्य की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बीजेपी ने संजय गुप्ता को पद से हटाने की मांग कर डाली है। अब सिलसिलेवार पढ़ें क्या है पूरा मामला? 7 पॉइंट में समझे क्या है पूरा मामला?

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