हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में राज्य स्तरीय हरोली उत्सव 11 से 14 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष यह उत्सव कांगड़ मैदान के बजाय हरोली-रामपुर पुल के पास सोमभद्रा नदी के तट पर स्थित हरोली मैदान (रोड़ा) में होगा। जिला प्रशासन ने इसके आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्सव का शुभारंभ 11 अप्रैल को जलशक्ति विभाग के रेस्ट हाउस से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा से होगा। सांस्कृतिक संध्याओं में हिमाचल और पंजाब के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। दिन के समय स्थानीय शिक्षण संस्थानों, महिला मंडलों और सांस्कृतिक समूहों को भी मंच मिलेगा। यह बैसाखी पर्व से जुड़ा हिमाचल का एकमात्र राज्य स्तरीय मेला है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। उन्होंने निर्देश दिए कि हरोली उत्सव को भव्यता, सुव्यवस्था और व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किया जाए, ताकि बैसाखी की सांस्कृतिक छटा पूरे वैभव के साथ उभर सके। एसडीएम हरोली एवं मेला समिति के अध्यक्ष विशाल शर्मा ने बताया कि उत्सव के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। ये सभी समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि यह उत्सव क्षेत्र के लिए एक यादगार आयोजन बने। उत्सव का आगाज भव्य शोभायात्रा से होगा, जो जलशक्ति विभाग के रेस्ट हाउस से हरोली मैदान तक निकाली जाएगी। इसमें महिला मंडल, स्वयं सहायता समूह, युवक मंडल, स्थानीय जनता और प्रदेश व देश की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाले विभिन्न दल भाग लेंगे। स्थानीय कलाकारों के ऑडिशन 6 और 7 अप्रैल को मेला समिति के अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सांस्कृतिक संध्याओं के लिए स्थानीय कलाकारों के ऑडिशन 6 और 7 अप्रैल को लता मंगेशकर कला केंद्र समूरकलां में सुबह 11:30 बजे से होंगे। कलाकार statelevelharoliutsav@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से आवेदन भेज सकते हैं। इच्छुक कलाकार ऑडिशन के दिन मौके पर भी आवेदन जमा कर सकते हैं। विशाल शर्मा ने बताया कि उत्सव के अवसर पर एक बहुरंगी स्मारिका भी प्रकाशित की जाएगी, जिसमें हरोली के विकास और सांस्कृतिक पहलुओं को दर्शाया जाएगा।