बिथल स्थित अडानी सी स्टोर के बाहर अडानी एग्री फ्रेश वर्कर्स यूनियन (सीटू) के मजदूरों ने वीरवार को प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन ने कंपनी पर श्रम कानूनों का उल्लंघन करने और मजदूरों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, यूनियन अध्यक्ष सुनील जिष्टु और महासचिव सुनील ने बताया कि एक माह पहले प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा गया था। इसमें श्रम कानूनों को लागू करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा है। उनसे 12 घंटे काम लिया जा रहा है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे का किया जा रहा है। इसके अलावा, ओवरटाइम का दोगुना वेतन और कानूनी छुट्टियां भी नहीं दी जा रही हैं। 45 वर्ष की उम्र में जबरन किया जा रहा सेवानिवृत्त यूनियन नेताओं ने यह भी बताया कि जहां प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष है, वहीं कंपनी में सुरक्षा गार्डों को 45 वर्ष की उम्र में जबरन सेवानिवृत्त किया जा रहा है। मजदूरों को स्थानांतरण की धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने श्रम विभाग रामपुर पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया। यूनियन की मुख्य मांगों में सभी श्रम कानूनों को लागू करना, 8 घंटे से अधिक कार्य पर दोगुना वेतन देना, कानूनी छुट्टियां सुनिश्चित करना और 58 वर्ष की आयु पर ही सेवानिवृत्ति देना शामिल है। काम बंद करने की दी चेतावनी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और कार्य बंद भी किया जा सकता है। इस प्रदर्शन में कई मजदूर शामिल हुए।