हिमाचल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक सतपाल सत्ती ने टोल टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ पंजाब के विरोध को उचित ठहराया है। उन्होंने कहा कि टोल वृद्धि पर पंजाब का विरोध जायज है, क्योंकि वहां के लोगों का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहता है। सतपाल सत्ती ने बताया कि हिमाचल के लोग भी रोजाना होशियारपुर, गढ़शंकर, नवांशहर, नंगल और तलवाड़ा जैसे शहरों में आते-जाते हैं। उन्होंने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से टोल टैक्स बढ़ोतरी को कम करने या इसे पूरी तरह खत्म करने की मांग की। भाजपा नेता ने पंजाब के लोगों को आश्वासन दिया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो इन मुद्दों को सुलझाकर जनता को राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने पंजाब के लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने का आग्रह किया और कहा कि इसमें भाजपा का भी समर्थन रहेगा, क्योंकि दोनों राज्यों के बीच गहरे रिश्ते और साझा व्यापारिक हित हैं। भाजपा करेगी विरोध प्रदर्शन- सत्ती विधायक सतपाल सत्ती ने सुक्खू सरकार द्वारा की गई टोल बढ़ोतरी को अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसी कारण ऐसे प्रदर्शन होते रहेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि वे फिलहाल विधानसभा सत्र में व्यस्त हैं, लेकिन जिला ऊना में स्थित सभी 11 टोल बैरियरों पर भाजपा भी सुक्खू सरकार का विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल बढ़ोतरी के कारण कई लोगों का व्यवसाय चौपट हो गया है। सत्ती ने कहा कि जब से हिमाचल में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, जनता पर लगातार टैक्स लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता से किए गए वादों के विपरीत काम करने का आरोप लगाया। अकेले ऊना में 11 बैरियर, जनता पर भारी बोझ सतपाल सत्ती ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कुल 33 टोल बैरियर हैं, जिनमें से 11 अकेले ऊना जिले में हैं। उन्होंने टोल टैक्स में हुई वृद्धि का विवरण देते हुए कहा कि जब सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता संभाली थी, तब एंट्री टैक्स 40 रुपए था, जिसे बढ़ाकर 70 रुपए कर दिया गया। अब कांग्रेस सरकार ने इसे 70 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बढ़ोतरी से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों, चाहे वे पंजाब के हों या हिमाचल को भारी परेशानी होगी। इसका कारण यह है कि दोनों राज्यों के लोगों के बीच रिश्तेदारियां और साझा व्यापारिक साझेदारियां हैं। टोल बढ़ोतरी से हिमाचल-पंजाब के लोगों को परेशानी जैसे नंगल के किसी व्यक्ति की ऊना में दुकान हो सकती है और ऊना वाले की नंगल में। जिन्हें रोजाना 170 से 300 रूपए तक टोल टैक्स देना पड़ेगा। जिससे हिमाचल और पंजाब के लोगों को दिक्कत होगी। उन्होंने कहा कि अकेले ऊना विधानसभा क्षेत्र में ही 6 टोल बैरियर हैं। जिस उन्होंने ने टोल टैक्स बढ़ोतरी के मुद्दे को विधानसभा सत्र में उठाया है। साथ ही भाजपा ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन भी किया है। राज्यपाल से की टोल टैक्स बढ़ोतरी वापस लेने की मांग सतपाल सत्ती ने कहा कि हमने राज्यपाल के अभिभाषण के सरकार से टोल टैक्स बढ़ोतरी वापस लेने या कम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछली जयराम सरकार ने हिमाचल के भीतर प्राइवेट गाड़ियों से टोल टैक्स लेना बंद किया था। उन्होंने कहा कि टोल बैरियर होने ही नहीं चाहिए। ऐसा उनका व्यक्तिगत मानना है। उन्होंने कहा कि भारी बढ़ोतरी ने जनता की कमरतोड़ दी है।