शिमला जिले के धर्मशाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने ‘नगर युवा एकत्रीकरण’ कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं और स्वयंसेवकों में नई ऊर्जा का संचार करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया। अपने संबोधन में होसबाले ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों, सांस्कृतिक मूल्यों के क्षरण और देश विरोधी ताकतों की साजिशों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी महान संस्कृति और सनातन परंपराओं में निहित है, जिसे युवा पीढ़ी को सहेजने की आवश्यकता है। ड्रग्स के चलन पर जताई चिंता सरकार्यवाह ने समाज में बढ़ते ड्रग्स के चलन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने की साजिशें हो रही हैं, जो न केवल शरीर बल्कि चरित्र और परिवार को भी तबाह कर देती हैं। होसबाले ने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे समाज में सजग प्रहरी बनकर नशे के खिलाफ प्रभावी दीवार खड़ी करें। गुरु-शिष्य परंपरा की आत्मीयता के महत्व को रेखांकित किया उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज को रोगी और कमजोर बनाने वालों के विरुद्ध एकजुट हों। शिक्षा और संस्कारों पर बोलते हुए होसबाले ने प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा की आत्मीयता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्राचीन काल में विद्यार्थी विनम्रता से विद्या ग्रहण करते थे, वही भाव आज भी आवश्यक है। तकनीक के सही उपयोग पर दिया बल उन्होंने जोर दिया कि यदि शिक्षक और गुरु अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और छात्र विनम्र बनें, तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने आधुनिक तकनीक और उपकरणों के सही उपयोग पर भी बल दिया, ताकि उनका लाभ राष्ट्र की प्रगति में मिल सके। सांस्कृतिक मर्यादाओं का पालन करना ही सच्ची देशभक्ति दत्तात्रेय होसबाले ने उन तत्वों की आलोचना की जो त्योहारों और आयोजनों की आड़ में भारतीय संस्कृति के विरुद्ध आचरण करते हैं। उन्होंने गोवंश की रक्षा और खान-पान की शुद्धता पर भी जोर दिया। सरकार्यवाह ने कहा कि सांस्कृतिक मर्यादाओं का पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है। छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को मिटाने पर जोर उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए कार्य करें और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलें। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे बदलावों और देश की बढ़ती शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। युवाओं ने राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया। ऐसे में हर भारतीय, विशेषकर युवाओं का यह दायित्व है कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखें। इस एकत्रीकरण में सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने भाग लिया और राष्ट्र सेवा का संकल्प लिया।

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