नंदिता यहां से 2021 में चुनाव जीती थीं और मंत्री भी बनीं, लेकिन इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने पाला बदल लिया। वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, बीजेपी ने रुपाली पर भरोसा जताया है। 

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