हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सेशन में आज उस वक्त हंगामा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष ने स्मार्ट मीटर का मामला प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत सदन में उठाना चाहा। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने इसकी इजाजत नहीं दी और प्रश्नकाल शुरू कर दिया। इसके बाद विपक्ष ने वेल में आकर सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। पूरे प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के विधायक वेल में नारेबाजी करते रहे। प्रश्नकाल संपन्न होने पर बीजेपी विधायक अपनी सीटों पर बैठ गए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष अखबारों में सुर्खियां बटोरने के लिए सदन में सनसनी फैलाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा- प्रश्नकाल के दौरान प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत मुद्दा उठाना ठीक नहीं है। इससे विधायकों के अहम प्रश्न छूट जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- जब से सरकार ने विजिलेंस जांच की बात कही है, तब से विपक्ष तिलमिला रहा है। उन्होंने सदन में सख्त लहजे में कहा कि पूर्व सरकार के समय जहां कहीं भी घोटाले हुए होंगे, उनकी जांच करवाई जाएगी। जयराम बोले- सदन के बाहर-भीतर झूठ बोल रहे मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष ने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हिमकेयर योजना की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदन के अंदर और बाहर हर बात पर झूठ बोलते हैं। उन्होंने कहा— अभी जांच हुई नहीं है और मुख्यमंत्री कैसे निष्कर्ष पर पहुंच गए कि हिमकेयर में घोटाला हुआ। यह सिर्फ योजना को बंद करने के लिए कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री की तरफ से जो भी बातें कही जा रही हैं, वे मनगढ़ंत हैं। कटौती प्रस्तावों पर चर्चा होगी प्रश्नकाल के बाद कटौती प्रस्तावों पर चर्चा शुरू होगी। कटौती प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विपक्ष सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश करेगा। विपक्ष ने पुलिस और संबंधित संगठन, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, लोक निर्माण व सिंचाई एवं जलापूर्ति से जुड़ी मांगों पर कटौती प्रस्ताव दिए हैं। 2 दिनों तक कटौती प्रस्तावों पर चर्चा के बाद 30 मार्च को सदन में बजट पारित किया जाना है।