मंडी जिले के सुंदरनगर में घरेलू एलपीजी गैस का संकट गहराता जा रहा है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल पा रही। गुरुवार सुबह सैकड़ों लोग सुबह 6 बजे से ही गैस गोदामों के बाहर लाइन में लग गए, पर 11 बजे तक भी अधिकांश को सिलेंडर नहीं मिले। स्थानीय लोगों ने गैस एजेंसियों पर मनमानी और अव्यवस्था का आरोप लगाया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जहां एक ओर उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही, वहीं कुछ लोगों को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं। इससे वितरण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं को गोदाम तक पहुंचने के लिए ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है, जिस पर करीब 400 रुपये तक खर्च हो रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कालाबाजारी के आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल सबसे गंभीर आरोप सिलेंडरों की कालाबाजारी को लेकर सामने आए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बाजार में गैस सिलेंडर अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं, जबकि आम लोग कतारों में खड़े होकर परेशान हो रहे हैं। यदि ये आरोप सही हैं, तो यह प्रशासन और एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उपभोक्ताओं की शिकायतें, तीन महीने से नहीं मिला सिलेंडर उपभोक्ता विनोद कुमार ने बताया कि डीएससी नंबर मिलने के बावजूद उन्हें तीन महीने से सिलेंडर नहीं मिला है। एक महिला उपभोक्ता ने कहा कि बुकिंग के चार दिन बाद भी उन्हें गैस नहीं मिली। ग्राम पंचायत बरतों से आए एक उपभोक्ता ने बताया कि लगातार दो दिन आने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला और किराए में 400 रुपये खर्च हो गए। ओटीपी देने के बाद भी नहीं मिल रही गैस पलोहटा निवासी देवी सिंह ने आरोप लगाया कि ओटीपी देने के बाद भी उन्हें गैस नहीं मिल रही और सिलेंडरों की कालाबाजारी जारी है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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