पंजाब के पठानकोट कैंट स्टेशन पर ऋषिकेश जा रही एक परिवार ट्रेन से खुद उतर गया। मगर, अपने 10 वर्षीय बच्चे को ट्रेन में ही भूल गया। जब ट्रेन चल पड़ी तो परिवार ने बच्चे को तलाश किया। परिवार डर गया और आरपीएफ को सूचित किया। आरपीएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल मैनेजर को ट्रेन रुकवाने का संकेत दिया। किसी अनहोनी के डर से रेल मैनेजर ने तुरंत गाड़ी रुकवाई और आरपीएफ से संपर्क किया। मामले की जानकारी मिलते ही बच्चे को ट्रेन में ढूंढ कर उसके परिवार के हवाले किया गया। बता दें कि, श्री माता वैष्णो देवी कटरा से चलकर ऋषिकेश जाने वाली 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस पठानकोट कैंट स्टेशन खड़ी थी। निर्धारित 5 मिनट के स्टॉपेज के बाद ट्रेन जैसे ही रवाना हुई तो जम्मू से लुधियाना तक ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने देखा कि पॉइंट्समैन और आरपीएफ कर्मचारी ट्रेन रोकने का इशारा कर रहे हैं। उनके साथ एक महिला यात्री भी परेशान दिखी। प्लेटफॉर्म छोड़ते समय पूरी तरह अलर्ट बृजेश ने तुरंत इशारों को भांपते हुए गाड़ी रुकवाई। आरपीएफ से सूचना मिली कि एक 10 साल का मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया है। एम-1 कोच में अकेला रो रहा था बच्चा ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने आरपीएफ से सूचना के आधार पर तुरंत एम-1 कोच में जाकर उस बच्चे को ढूंढ निकाला। खुद को अकेला पाकर बच्चा रो रहा था। ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बच्चे को साहस बंधाया और चंद पलों में उसके परिवार के हवाले कर दिया। बृजेश कुमार ने बताया कि बच्चे की तरह ही परिवार भी काफी परेशान था। ट्रेन मैनेजर की इस सूझबूझ से बच्चा सुरक्षित अपने परिवार से मिल सका। एआईजीसी (All India Guards Council) ने बृजेश कुमार के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। आखरी पलों में ट्रेन से उतरा था परिवार ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि] 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस रात 8:48 पर कैंट स्टेशन पर पहुंची। जिसमें हिमाचल का एक परिवार श्री माता वैष्णों देवी का दर्शन कर पठानकोट वापस आया था। माता वैष्णों देवी की चढ़ाई कर परिवार थका था और उन्हे ट्रेन के पठानकोट पहुंचने का पता ही नहीं चला। जैसे ही उन्हे किसी ने बताया तो वह जल्दबाजी में सामान लेकर ट्रेन से उतर गए। लेकिन, परिवार बच्चे को उतारना भूल गया। प्रेशर ब्रेक से ट्रेन रुकवाई जैसे ही उन्हें इस भूल का एहसास हुआ, ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी। परिवार ने शोर मचाया। बच्चे के पिता और चाची ने आरपीएफ को मामले की जानकारी दी तो आरपीएफ ने उन्हें इशारा कर जानकारी दी। ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रैशर ब्रेक से ट्रेन रुकवाई और बच्चा परिवार के हवाले किया। इसमें ट्रेन 5 मिनट जरूर लेट हुई पर एक परिवार को उनका बच्चा मिल गया। ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतें यात्री ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि अक्सर लोग ट्रेन में उतरने में जल्दबाजी दिखाते हैं। ऐसे में कई यात्रियों को सामान ट्रेनों में ही छूट जाता है। फिर वही सामान उन्हें लौटाने में अन्य यात्रियों का समय बर्बाद होता है। लोगों को ट्रेन से उतरते समय अपने बच्चों और सामान का ध्यान रखना चाहिए। अब एआईजीसी (All India Guards Council) ने बृजेश कुमार के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। बृजेश कुमार जालंधर मुख्यालय के मेल ट्रेन मैनेजर हैं।