हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर लगाए सेस को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सुक्खू सरकार के फैसलों को जनविरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि राज्य सरकार ने डीजल पर टैक्स बढ़ाकर ₹10.40 से ₹15.40 प्रति लीटर कर दिया है, जिससे आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले का असर किसान, बागवान, मजदूर, व्यापारी और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। परिवहन लागत बढ़ने से बस, टैक्सी और ट्रक किराए में वृद्धि होगी, जबकि कृषि और बागवानी से जुड़ी लागत भी बढ़ेगी। टैक्स से ₹4,000 जुटाए- बिंदल बिंदल के मुताबिक, पिछले करीब 40 महीनों में सरकार ने टैक्स के माध्यम से लगभग ₹4,000 करोड़ जुटाए हैं और अब नए टैक्स से करीब ₹2,000 करोड़ और वसूलने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, राशन, सीमेंट और स्टांप ड्यूटी में बढ़ोतरी कर सरकार ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। साथ ही, बजट आकार घटाकर ₹54,928 करोड़ करना विकास के लिए नकारात्मक कदम बताया। ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा- अनुराग वहीं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर ₹5 की ताजा बढ़ोतरी से जनता पर सालाना ₹1,000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही वैट और सेस के जरिए करीब ₹15 प्रति लीटर तक का भार डाल चुकी है। ठाकुर ने कहा कि बार-बार कीमतें बढ़ाने से ट्रक ड्राइवर, किसान, व्यापारी और आम लोग प्रभावित हो रहे हैं। 3 साल में ₹46,000 करोड़ का कर्ज लिया: ठाकुर अनुराग ठाकुर ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हिमाचल पर कुल कर्ज 1.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जबकि वर्तमान सरकार ने तीन साल में ही करीब ₹46,000 करोड़ का कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि बढ़ते टैक्स और कर्ज के कारण प्रदेश में महंगाई का दबाव और बढ़ेगा। राज्य सरकार ने अनाथ-विधवा सेस लगाया दोनों नेताओं ने सरकार से पेट्रोल-डीजल पर बढ़े टैक्स को वापस लेने की मांग की है और कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी। बता दें कि सुक्खू सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर अनाथ और विधवा सेस लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए बीते कल ही विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित किया गया। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी को भेजा जाएगा। संशोधन विधेयक में अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ौतरी प्रस्तावित की गई है। अब यह राज्य सरकार तय करेगी कि कितना सेस लगाया जाना है।

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