मंडी में हिमालयन दिव्यांग कल्याण संस्था ने प्रदेश सरकार पर दिव्यांगों के साथ भेदभाव करने और उन्हें बांटने का आरोप लगाया है। संस्था ने सरकार के हालिया बजट को लेकर भी गहरी नाराज़गी व्यक्त की है। संस्था की जिला प्रधान हेमलता पठानिया ने बताया कि सुक्खू सरकार द्वारा पेश किए गए चौथे बजट से दिव्यांग वर्ग को निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को उम्मीद थी कि इस बार उनकी पेंशन में वृद्धि की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पठानिया बोलीं- सरकार भ्रम फैला रही हेमलता पठानिया ने आरोप लगाया कि सरकार यह भ्रम फैला रही है कि दिव्यांग पेंशन बढ़ाई गई है। हकीकत यह है कि 3000 रुपए की पेंशन केवल 100 प्रतिशत दिव्यांगों को ही मिल रही है। 40 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक के अन्य दिव्यांगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। संस्था की ज्यादा लोगों को लाभ की मांग संस्था ने मांग की है कि 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले सभी लोगों को पेंशन का लाभ दिया जाए, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना जीवनयापन कर सकें। पठानिया ने कहा कि सरकार की नीतियां दिव्यांगों को एकजुट करने के बजाय उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांट रही हैं। संस्था ने खराब लिफ्ट का मुद्दा उठाया संस्था ने एसपी मंडी कार्यालय में दिव्यांगों के लिए लगाई गई लिफ्ट के खराब होने का मुद्दा भी उठाया है। संस्था का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से स्थापित यह लिफ्ट लंबे समय से खराब पड़ी है। इससे दिव्यांगों को कार्यालय आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने प्रशासन से जल्द से जल्द लिफ्ट को ठीक करवाने की मांग की है, ताकि दिव्यांगजन अपने कार्यों के लिए कार्यालय आने पर इसका उपयोग कर सकें।