हिमाचल प्रदेश में ईद-उल-फितर का पावन त्योहार शनिवार को बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंडी शहर के मंगवाई स्थित मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर नमाज अदा की इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुदा से देश और दुनिया में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी और खुशियां साझा कीं। इससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया। एक महीने तक रोजे रखने के बाद आता है ईद का त्योहार इकबाल अली ने आगे कहा कि रमजान के पूरे एक महीने तक रोजे रखने के बाद ईद का त्योहार आता है। यह पर्व त्याग, तपस्या और इबादत का प्रतीक है। इस दिन लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और समाज में शांति, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की दुआ करते हैं। ईद-उल-फितर का मुस्लिम धर्म में विशेष महत्व मुस्लिम वेलफेयर कमेटी के सदस्य इकबाल अली ने सभी को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि ईद-उल-फितर का त्योहार मुस्लिम धर्म में विशेष महत्व रखता है और यह आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भावना का संदेश देता है। सभी धर्मों के लोगों को एकता और भाईचारे का संदेश देता है रमजान उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पर्व केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी धर्मों के लोगों को एकता और भाईचारे का संदेश देता है। इकबाल अली ने सभी से अपील की कि इस अवसर पर मिलजुल कर रहें और देश-दुनिया में अमन और शांति के लिए प्रार्थना करें।

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