चैत्र नवरात्रि 2026 आज से शुरू हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में पांच प्रमुख शक्तिपीठों और अन्य मंदिरों को नवरात्रि के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया है। खासकर ऊना स्थित चिंतपूर्णी मंदिर इस बार विदेशी फूलों से महक रहा है। दिल्ली के श्रद्धालु प्रवीण क्वात्रा ने करीब 50 लाख रुपए के रंग-बिरंगे फूलों से मंदिर को सजाया है। चिंतपूर्णी के अलावा कांगड़ा के ज्वालाजी, बृजेश्वरी देवी मंदिर, बिलासपुर के नैनादेवी, कांगड़ा के चामुंडा देवी मंदिर में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। इन सभी शक्तिपीठों में देशभर के श्रद्धालु सुबह से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे राज्य में भक्तिमय माहौल बन गया है। देवभूमि हिमाचल के शक्तिपीठों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु भी दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शिमला के कालीबाड़ी, तारादेवी, हाटकोटी और सिरमौर के बालासुंदरी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है। 23 घंटे खुले रहेंगे चिंतपूर्णी मंदिर के कपाट नवरात्रि में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए चिंतपूर्णी मंदिर के द्वार 23 घंटे खुले रखने का निर्णय लिया गया है। केवल रात को एक घंटे के लिए मंदिर को सफाई के लिए बंद किया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 300 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। शिमला के मंदिरों में सुबह 6 बजे से दर्शन शिमला के कालीबाड़ी और तारादेवी मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिर सुबह 6 बजे से भक्तों के लिए खुलेंगे। मंदिरों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। तारादेवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त एचआरटीसी बसें भी चलाई जाएंगी। यातायात और सुविधा प्रबंध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न मंदिरों तक अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। दान के लिए डिजिटल व्यवस्था, जैसे QR कोड, उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेशभर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 1300 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं, जबकि कई जगहों पर CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा चैत्र नवरात्रि शक्ति उपासना का प्रमुख पर्व है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूजा के दो शुभ मुहूर्त पहले नवरात्र पर मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना की जाती है। इस वर्ष घट स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं: सुबह 6:54 से 7:58 बजे और दोपहर 12:05 से 12:53 बजे। चैत्र नवरात्रि पर मंदिरों में श्रद्धालुओं के PHOTOS..

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