हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व राज्यपाल शिप प्रताप शुक्ल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा जुबानी हमला बोला। नेगी ने कहा कि राज्यपाल शुक्ल का कार्यकाल जनजातीय क्षेत्रों के लिए न्यायपूर्ण नहीं रहा। नेगी ने राज्यपाल के विदाई वक्तव्य को जनता और सरकार को भ्रमित करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-5 में राज्यपाल ट्राइबल लोगों के संरक्षक हैं। “राज्यपाल को संविधान में इतनी शक्तियां हैं, जो संसद और विधानसभा को भी नहीं हैं। गवर्नर फॉरेस्ट राइट एक्ट को सस्पेंड कर जमीन दे सकते हैं।” उन्होंने कहा कि, साल 2014 में हिमाचल की पूर्व सरकार ने शेड्यूल-5 के तहत जनजातीय लोगों को जमीन देने का प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा था। तत्कालीन लेडी गवर्नर ने फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट को अस्थायी रूप से सस्पेंड किया, जिससे स्थानीय लोगों को जमीन मिल सकी। 8 बार गवर्नर से मुलाकात, फिर भी निर्णय नहीं नेगी ने कहा कि शिव प्रताप शुक्ल से वह इसी मुद्दे पर केवल एक-दो बार नहीं, बल्कि आठ बार मिले, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया। अंत में कहा गया कि नौतोड़ मामले में अधिकारियों ने मांगी हुई सूचना नहीं दी। नेगी ने कहा कि, “राज्यपाल का नौतोड़ मामले में बयान जनता को गुमराह करने वाला है। अगर अधिकारियों ने जानकारी नहीं दी, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्हें सस्पेंड क्यों नहीं किया?” उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-5 के अनुसार राज्यपाल ही जनजातीय लोगों के संरक्षक हैं। उन्होंने बताया कि ट्राइबल लोगों को बॉर्डर एरिया से पलायन रोकने के लिए जमीन देने का प्रावधान है। “अगर तीन साल पहले जमीन दी जाती, तो आज वहां फलदार पौधे लगे होते।” संवैधानिक पद की गरिमा नहीं रखी: नेगी जगत नेगी ने कहा कि राज्यपाल ऐसी विचारधारा की पार्टी से आते हैं, जो जनजातीय विरोधी है और संकीर्ण सोच रखती है। उन्होंने कहा कि शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल विधानसभा में भाषण पढ़े बगैर चले गए और संवैधानिक पद की गरिमा का उल्लंघन किया। “उल्टा हमें कोसकर चले गए।” नए राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे नेगी ने कहा कि वह ट्राइबल लोगों को नौतोड़ मामले को लेकर नए राज्यपाल से भी मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे। “राज्यपाल जनजातीय क्षेत्र के संरक्षक हैं। रास्ता पहले का बना हुआ है।” जयराम ठाकुर और विपक्ष पर भी निशाना राजस्व मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा, “हर बात पर कहेंगे ‘मित्र मंडली’? उनके समय में कौन सी मंडली थी, ये सब से नहीं छिपा है। उनकी तो और बड़ी बेहतरीन मित्रियां थीं।” उन्होंने कहा कि जब हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हुई, तब जयराम ने आवाज क्यों नहीं उठाई। “आपदा में भी चुप रहे। विपक्ष में बैठे मेरे साथी नहीं चाहते कि जनजातीय क्षेत्रों का भला हो, क्योंकि ये लोग वहीं हैं जिन्होंने ‘स्टेटहुड मारो’ का नारा लगाया था।” बता दें कि केंद्र सरकार ने बीते शुक्रवार को हिमाचल के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का गवर्नर नियुक्त किया है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उनके बयान पर राजस्व मंत्री ने आपत्ति जताई है। पीएम मोदी-आडवानी पर तंज शिमला में पत्रकार ने जब राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा सवाल पूछा तो राजस्व मंत्री ने एक फोटो दिखाते हुए कहा कि इस फोटो में प्रधानमंत्री मोदी और लाल कृष्ण आडवानी कुर्सी पर बैठे हैं, जबकि जनजातीय से आने वाली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम नागरिक का सम्मान नहीं हो रहा है। यह फोटो उस वक्त की है जब लाल कृष्ण आडवानी को भारत रत्त दिया गया था। उन्होंने कहा कि अपने राष्ट्रपति का पीएम मोदी ख्याल नहीं करते और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की जी हजूरी करते हैं। नेगी ने ममता बेनर्जी को शेरनी बताया राजस्व मंत्री ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बेनर्जी को बंगाल की शेरनी बताया और कहा कि वह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ममता बेनर्जी ने कभी भी राष्ट्रपति का अनादर नहीं किया, जिस प्रकार पीएम मोदी ने किया है।