हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तीसरे मोर्चे के गठन की तैयारियां तेज हो गई है। कांग्रेस-भाजपा के कई दिग्गज नेता, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद तीसरे मोर्चे से जुड़ रहे हैं। पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने इसकी पुष्टि की है। डॉ. मारकंडा और दूसरे बड़े नेता सभी जिलों में जाकर कांग्रेस-भाजपा के नाराज नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। तीन दिन पहले कुल्लू में एक बड़ी मीटिंग हुई है। इसमें ज्यादातर नेता बीजेपी के शामिल हुए। कांग्रेस के भी कई दिग्गज नेता कुल्लू की मीटिंग में मौजूद रहे। इस मीटिंग में पार्टी का नाम, संविधान और संगठन जल्दी तैयार करने का निर्णय लिया गया। डॉ. मारकंडा ने दावा किया कि दोनों प्रमुख दलों के बड़े-बड़े नेता संपर्क में है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हितों को लेकर पार्टी एक मेनिफेस्टो भी चुनाव में जारी करेगी, ताकि दोनों पार्टियों से हताश हो चुके लोगों को एक नई उम्मीद मिल सके। सूत्रों के अनुसार, आज हिमाचल की सत्ता की चाबी तय करने वाले कांगड़ा जिला में तीसरे मोर्चे की गुप्त मीटिंग हुई। इसमें ब्लॉक व जिला स्तर पर संगठन खड़ा करने को लेकर चर्चा हुई। हमीरपुर में बीजेपी नेताओं से मिले मारकंडा डा. मारकंडा ने आज सुबह के वक्त हमीरपुर के पूर्व विधायक नरेंद्र ठाकुर से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच काफी लंबे समय तक हिमाचल की राजनीति को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने भोरंज के पूर्व बीजेपी विधायक अनिल धीमान से भी लंबी मुलाकात की। सूत्र बताते हैं कि मारकंडा ने पूर्व विधायक कमलेश कुमारी और बड़सर के पूर्व विधायक बलदेव शर्मा से भी संपर्क साधा और तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर राय मांगी। दोपहर बाद मारकंडा बिलासपुर पहुंचे। यहां पर भी उन्होंने कांग्रेस-भाजपा के नाराज नेताओं से तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर मुलाकात की। डेढ़ साल बाद होने हैं चुनाव बता दें कि, प्रदेश में तीन दिन से तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर खूब चर्चाएं हो रही है। राज्य में डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव होने है। लिहाजा कांग्रेस-भाजपा के नाराज नेता अभी से सक्रिय होने लगे है।