मंडी जिले के गुरकोठा में उप डाकघर के प्रस्तावित स्थानांतरण के विरोध में महिलाओं का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। विरोध प्रदर्शन के नौवें दिन महिलाओं ने अपने आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए खून से लिखा एक पत्र जिला प्रशासन को सौंपा। महिला मंडल की सदस्यों का कहना है कि गुरकोठा का उप डाकघर वर्षों से क्षेत्र की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा रहा है। यदि इसे यहां से स्थानांतरित किया जाता है, तो आसपास के कई गांवों के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूर वर्ग को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए दूर-दराज जाना होगा। महिलाओं ने बताया कि यह डाकघर उनकी खून-पसीने की कमाई का सहारा है। इस सुविधा को हटाना सीधे तौर पर आम लोगों के हितों पर चोट करने जैसा है। फैसला वापस नहीं लेने पर आंदोनल की चेतावनी आंदोलनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उप डाकघर के स्थानांतरण का फैसला जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। एपीएमसी चेयरमैन संजीव गुलेरिया ने भी महिलाओं के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि गुरकोठा उप डाकघर क्षेत्र के लोगों की एक महत्वपूर्ण जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, क्योंकि ऐसी सुविधाओं को दूर करने से ग्रामीणों को काफी परेशानी होगी।वहीं, महिला मंडल सदस्य जमना ने कहा कि यह डाकघर गांव की जनता की जमा पूंजी का सहारा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं ने अपनी मेहनत की कमाई यहीं जमा की हुई है और इसे कहीं और स्थानांतरित करना गांव के लोगों के साथ अन्याय होगा। कोठी पंचायत के पूर्व प्रधान लेखराम ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह डाकघर पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गुरकोठा उप डाकघर को यथास्थान बनाए रखने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो स्थानीय लोग आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

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