शिमला में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) इकाई ने मंगलवार को बालूगंज थाने का घेराव किया। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय परिसर में 27 फरवरी को हुई कथित छात्र हिंसा के मामले में पांच दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने के विरोध में किया गया। एबीवीपी नेताओं का आरोप है कि 27 फरवरी को उनके दो कार्यकर्ताओं पर छात्र संगठन SFI के कार्यकर्ताओं ने कथित जानलेवा हमला हुआ था। घायल छात्र द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। परिषद ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही और पक्षपातपूर्ण रवैया बताया है। विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ती हिंसक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रों ने दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि पांच दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो संगठन एक व्यापक छात्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। परिषद नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय परिसर में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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