हिमाचल प्रदेश में कल (5 मार्च को) राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरे जाने है। मगर कांग्रेस ने अभी भी प्रत्याशी को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले। राज्यसभा प्रत्याशी की दौड़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा सबसे आगे माने जा रहे हैं। वह बीती शाम को ही कसौली पहुंच गए हैं। आनंद शर्मा के कुछ देर बाद शिमला पहुंचने की संभावना है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान आनंद शर्मा को ही प्रत्याशी बना सकता है। उन पर हिमाचल कांग्रेस के भी अधिकांश नेता सहमत बताए जा रहे है। आनंद के बाद पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मगर सूत्र बताते हैं कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आनंद शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के नाम की हाईकमान के समक्ष पैरवी की है। धनीराम शांडिल के राज्यसभा जाने की भी खूब चर्चाएं आनंद शर्मा सीएम सुक्खू के शुरू से ही करीबी रहे हैं, जबकि धनीराम शांडिल को राज्यसभा भेजकर सीएम सुक्खू कैबिनेट में संतुलन बनाना चाहेंगे। वर्तमान में सुक्खू कैबिनेट में अकेले शिमला संसदीय क्षेत्र से 5 मंत्री है, जबकि 3 अन्य संसदीय क्षेत्र से सीएम-डिप्टी सीएम को मिलाकर 6 मंत्री है। ऐसे में यदि धनीराम शांडिल राज्यसभा भेजे गए तो सुक्खू कैबिनेट में कांगड़ा जिला को एक और मंत्री पद मिल सकता है। इस वजह से धनीराम शांडिल के मंत्री बनने की ज्यादा चर्चाएं हैं। ये नाम भी चर्चा में इनके अलावा, पूर्व मंत्री आशा कुमार, एडवोकेट जनरल अनूप रत्न और सीएम के आईटी सलाहाकर गोकुल बुलेट का नाम भी चर्चा में है। गैर हिमाचली नेताओं में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल का नाम है। कांग्रेस हाईकमान इन तीनों में किसी एक को हिमाचल से राज्यसभा भेजना चाह रहा है। मगर हिमाचल कांग्रेस के नेताओं ने हिमाचली को ही राज्यसभा भेजने की पैरवी की है, क्योंकि फरवरी 2024 के चुनाव में भी कांग्रेस हाईकमान ने बाहरी एवं सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी दिया था। इसके बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस बहुमत के बावजूद चुनाव हार गई थी। तब कांग्रेस के 6 विधायकों ने बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोट किया। हालांकि, बाहरी कांग्रेस नेताओं पर हिमाचल के नेता सहमत नहीं है। इस बीच सीएम सुक्खू ने कल कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग नामांकन से पहले होगी। संभव है कि इसी मीटिंग में प्रत्याशी के नाम का ऐलान हो।