हिमाचल प्रदेश के आईजी विमल गुप्ता के नाबालिग बेटे और 10 से 15 सुरक्षाकर्मियों पर पिंजौर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में आईजी की पत्नी शालू गुप्ता को भी नामजद किया गया है। यह एफआईआर अमरावती एनक्लेव निवासी महिला अनुपम धनवान की ओर से दर्ज कराई गई है। आरोप है कि आईजी के नाबालिग बेटे ने अपनी लाल-नीली बत्ती लगी बिना नंबर की स्कॉर्पियो उनकी थार गाड़ी के आगे लगा दी। इससे थार में बैठे उसके बच्चे डर गए और खुद को अंदर लॉक कर लिया। इस पर आरोपी ने बेसबॉल बैट से थार के शीशे तोड़ दिए। विरोध करने पर आरोपी ने उस पर भी स्कॉर्पियो चढ़ाने की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी की मां ने भी उनके साथ गाली-गलौज की। धमकी दी कि तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। पीड़िता ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में ये आरोप लगाए… पुलिस को दी शिकायत में ये भी आरोप लगाए गए… आरोपी सोसाइटी के कई बच्चों के साथ कर चुका मारपीट अनुपम का आरोप है कि आरोपी अपने पिता के रसूख के चलते बच्चों के साथ मारपीट करता है। उसके बच्चे अरावली इंटरनेशनल स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्र है। वहां भी आरोपी उन पर रौब मारता रहता है। उसके बच्चे के साथ खेलने वाले दूसरे बच्चों पर भी मारपीट और जान से मारने की धमकी देता है। इस विषय में जब उसके माता पिता को सूचित किया गया तो उन्होंने हमें ही धमकाते हुए कहा कि तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। अप्रैल, 2025 में भी की थी मारपीट, नहीं हुई थी कोई कार्रवाई अनुपम ने बताया कि 7 अप्रैल, 2025 में भी आरोपी की इन्हीं हरकतों से परेशान होकर हमने पुलिस को शिकायत दी थी। जिस पर दोनों पक्षों में पुलिस के दबाव में समझौता हो गया था। अनुपम का यह भी आरोप है कि आरोपी और उसके सुरक्षा कर्मियो की मनमानी के चलते हम सभी लोग डरे हुए है। चौकी प्रभारी बोले- मामला दर्ज किया, जांच कर रहे पंचकूला के अमरावती चौकी प्रभारी एसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मां-बेटे को नामजद करते हुए 15 से 20 अज्ञात के खिलाफ धारा 191 (3), 190,115(2), 126(2), 324(4), 351(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जा रहे है। जांच में जो भी निकलेगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। —————- ये खबर भी पढ़ें…
हरियाणा ₹590 करोड़ फ्रॉड केस: सुपरिटेंडेंट ने फॉर्च्यूनर खरीदी:पंचायत विभाग में तैनात, बेटी के खाते में लिए 10 लाख, कंपनी-अधिकारियों के बीच ब्रॉकर हरियाणा में सरकारी विभागों के IDFC बैंक से जुड़े ₹590 करोड़ के फ्रॉड केस में अब सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की गर्दन एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के शिकंजें में आने लगी है। एसीबी ने पंचायत विभाग के सुपरिटेंडेंट को अरेस्ट किया है। जिसकी पहचान मोहाली में रहने वाले नरेश कुमार के तौर पर हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)

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