कांगड़ा में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कांगड़ा में उपमंडल स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को पंचायतों को क्लस्टर में बांटकर विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। इसमें कृषि बीमा कवरेज बढ़ाने और जैविक खेती करने वाले किसानों का डेटा तैयार करने के निर्देश किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों का विस्तृत ब्यौरा अगली बैठक में प्रस्तुत करे। बैठक में एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा, एपीएमसी अध्यक्ष नीशू मोंगरा, एसडीएम इशांत जसवाल और डीएसपी अंकित सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डूगीयारी में बन रहे मिल्क प्लांट का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि यह परियोजना करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। इसके पूरा होने पर क्षेत्र के पशुपालकों को दूध का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। खेती की गुणवत्ता सुधारने के मांगे सुझाव मंत्री ने कृषि विभाग को जैविक व अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों का डाटा तैयार करने, भूमि की जांच कर खेती की गुणवत्ता सुधारने के उपाय सुझाने को कहा। पशुपालन विभाग को पशुओं के नियमित टीकाकरण और बाहरी राज्यों से आने वाले पशुओं का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए। आईपीएच विभाग को 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर काम करने को कहा गया। पशुपालन को बढ़ावा देने को कहा फसल बीमा योजना की कम कवरेज (करीब 10 प्रतिशत) पर चिंता जताते हुए मंत्री ने इसे 60 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुर्गी पालन, मछली पालन और बकरी पालन पर उपलब्ध सब्सिडी योजनाओं को युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर विकल्प बताया। साथ ही आवंटित बजट को समयबद्ध तरीके से खर्च करने पर जोर दिया।

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