शिमला में हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच हुई तनातनी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस घटना को प्रदेश की कानून व्यवस्था और संवैधानिक मर्यादाओं पर हमला बताया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यह मामला सिर्फ दो पुलिस बलों के बीच अधिकार क्षेत्र का विवाद नहीं है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह राजनीतिक संरक्षण में पैदा किया गया संकट है, जिससे हिमाचल की प्रशासनिक साख राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस शिमला में दर्ज एक मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने पहुंची थी। राज्य सरकार पर साधा निशाना इसके बावजूद, प्रदेश सरकार के दबाव में हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि जिस मामले में कार्रवाई हो रही थी, उसका संबंध देश की छवि और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा से है। बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया भाजपा नेता ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच के बजाय राजनीतिक हित साधने का प्रयास संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उचित नहीं है। उन्होंने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हाल के वर्षों में अपराध, माफिया गतिविधियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। दोषी का कोर्ट करती है फैसला, सरकार नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्रतिक्रिया या तो देर से आई या नहीं आई, जिससे आम जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। बिक्रम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि किसी भी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का फैसला कोर्ट करती है, न कि सरकार या कोई राजनीतिक दल। अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में बाधा डालना और दूसरे राज्य की पुलिस को डराने या बदनाम करने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए हानिकारक है।उन्होंने कांग्रेस सरकार से इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश की जनता को स्पष्ट जवाब देने, राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। बिक्रम ठाकुर ने यह भी कहा कि भाजपा अराजकता और संवैधानिक अव्यवस्था के खिलाफ अपनी लोकतांत्रिक और कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।