हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में नशा निवारण अभियान को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त (डीसी) जतिन लाल ने स्पष्ट किया कि ‘एंटी-चिट्टा’ अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में नशा उन्मूलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत व्यापक ‘एंटी-चिट्टा’ अभियान चलाया जा रहा है। जिले की सभी पंचायतों में स्थानीय स्कूल अथवा कॉलेज के प्रिंसिपलों की अध्यक्षता में नशा निवारण समितियां गठित की गई हैं। इनमें से 10 पंचायतों को ‘चिट्टा’ के दृष्टिकोण से संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन संवेदनशील पंचायतों की समितियों के अध्यक्ष के रूप में संबंधित स्कूल एवं कॉलेजों के प्रिंसिपलों को बैठक में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। गैर-हाजिर प्रिंसिपलों पर होगी कार्रवाई : डीसी हालांकि, कुछ प्रिंसिपलों की अनुपस्थिति पर डीसी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना रवैया करार देते हुए अनुपस्थित प्रिंसिपलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीसी जतिन लाल ने दो टूक कहा कि भविष्य में इस तरह की उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जतिन लाल ने सभी नशा निवारण समितियों को नियमित अंतराल पर बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय समुदाय, युवाओं, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने पर जोर दिया। डीसी ने संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने और संबंधित सूचनाएं तत्काल प्रशासन व पुलिस को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो सदस्य अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे हैं, उनकी जानकारी प्रशासन को दी जाए ताकि जवाबदेही तय की जा सके। नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश इसके अतिरिक्त, उन्होंने नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय समिति को अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप केंद्रों की गहन जांच सुनिश्चित करने को भी कहा। प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से इस अभियान को सफल बनाने पर बल दिया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि जिले में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। सभी विभागों के समन्वित सहयोग से कार्रवाई तेज की जाएगी। एसपी ने केमिस्ट दुकानों के नियमित निरीक्षण, दवाओं के स्टॉक एवं रिकॉर्ड की जांच व प्रतिबंधित या अवैध दवाओं की बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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