शिमला पुलिस ने चिट्टा सप्लाई करने वाले बहुचर्चित ‘शाही महात्मा गैंग’ के मुख्य सरगना प्रदीप कुमार उर्फ रांटा (38) को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आज उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। ‘शाही महात्मा गैंग’ के 57 तस्करों को शिमला पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मगर रोहड़ू के बिजौरी गांव निवासी प्रदीप कुमार डेढ़ साल से फरार चल रहा था। वह, शाही महात्मा गैंग का मुख्य सप्लायर माना जा रहा है। अब उसे भी दबोच लिया है। प्रदीप कि गिरफ्तारी 19 सितंबर 2024 को कोटखाई थाना में दर्ज मामले में की गई। 468 ग्राम चिट्टा बरामदगी से खुला था नेटवर्क इस मामले की शुरुआत 19 सितंबर 2024 को हुई थी, जब पुलिस ने आरोपी मुद्दसीर अहमद मोची से 468.380 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। इसके बाद पुलिस ने शाही महात्मा गैंग के कुल 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया, इनमें गैंग का मुख्य सरगना शाही महात्मा भी शामिल है। रोहड़ू क्षेत्र में चिट्टा सप्लाई करता था रांटा पुलिस जांच में सामने आया कि प्रदीप कुमार उर्फ रांटा, शाही महात्मा का मुख्य सहयोगी था। वह बाहरी राज्यों से चिट्टा लाकर रोहड़ू क्षेत्र में सप्लाई करता था और गैंग के नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहा था। 500 लोगों को चिट्टा सप्लाई करता था यह गैंग पुलिस के मुताबिक, शाही महात्मा गैंग का नेटवर्क 500 से अधिक नशा सेवन करने वाले व्यक्तियों तक फैला हुआ था। मगर शिमला पुलिस ने पेशेवर ढंग से जांच करके इस गैंग का भंडाफोड़ किया। तकनीकी साक्ष्यों से गिरफ्तारी 19 फरवरी 2026 को थाना कोटखाई तथा सब डिवीजन ठियोग की विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

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