शिमला जिले के रामपुर में करशना डायग्नोस्टिक लैब में सोमवार को सभी मेडिकल टेस्ट अचानक बंद कर दिए गए। इससे चार जिलों से आए सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग खून और अन्य जरूरी जांचों के लिए लैब पहुंचे थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई जांच शुरू नहीं हो सकी। मरीजों ने बताया कि वे दूर-दराज के क्षेत्रों से निजी वाहनों या बसों से लंबा सफर तय करके आए थे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। गंभीर मरीजों में बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लैब कर्मी बोले- 3 महीने से वेतन नहीं मिला लैब कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि प्रबंधन को कई बार इस बारे में सूचित किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी कारण कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से काम बंद करने का निर्णय लिया। परिवार का खर्च चलाना मुश्किल कर्मचारियों का कहना है कि बिना वेतन के परिवार का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर, मरीजों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर लैब की सेवाएं बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को आवश्यक जांच सुविधाएं समय पर मिल सकें।

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