हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी में जुट गई है। सीएम सुखिवंदर सिंह सुक्खू दो दिन से सचिवालय शिमला में बजट को व्यवहारिक बनाने के लिए MLA प्रॉयोरिटी मीटिंग ले रहे हैं। सीएम अभी कुल्लू, मंडी और शिमला के विधायकों की प्राथमिकताएं पूछ रहे है। कुछ देर बाद कांगड़ा जिला के विधायकों के साथ मीटिंग करेंगे। सरकार का दावा है कि विधायकों की प्राथमिकताएं जानने के बाद उन्हें आगामी वित्त वर्ष के बजट में डालने का प्रयास किया जाएगा। बीते शुक्रवार को भी सरकार आठ जिलों के विधायकों से उनकी प्रायोरिटी पूछ चुकी है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं बताते हैं MLA इन बैठकों में विधायक अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों की दो से तीन प्रमुख प्राथमिकताएं सरकार को बता सकते हैं। इनमें सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पर्यटन, आवास, शहरी विकास, ग्रामीण आधारभूत ढांचे, आपदा राहत कार्य और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार विधायकों से यह भी जान रही है कि उनके क्षेत्रों में कौन-कौन से विकास कार्य अधूरे हैं, किन योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है और किन परियोजनाओं को आगामी बजट में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।