हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी अधिकारियों के आवास पर लगे इंटरनेट कनेक्शन भी फ्री हो गए है। राज्य सरकार इसका खर्च उठाएगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट ने इसे लेकर आज आदेश जारी किए है। इन आदेशों के तहत जिन अधिकारियों ने अपने आवास पर इंटरनेट आधारित कम्युनिकेशन डिवाइसेज जैसे ब्रॉडबैंड, इंटरनेट कनेक्टिविटी या अन्य डिजिटल संचार सुविधाएं लगा रखी है, उन्हें भी सरकार की ओर से भत्ता दिया जाए। पूर्व में आधिकारिक लैंडलाइन फोन पर ही भत्ता मिलता था। इन आदेशों में कहा गया कि यह निर्णय प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे पहले, साल 2010 में जारी निर्देशों के तहत पात्र अधिकारियों को उनके आवास पर लगे टेलीफोन या मोबाइल फोन के लिए द्विमासिक फिक्स्ड रीइंबर्समेंट की सुविधा दी जा रही थी। इंटरनेट कम्युनिकेशन डिवाइस भी भत्ते के दायरे में लाए गए नए निर्देशों में कहा गया कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के मौजूदा दौर को ध्यान में रखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि इंटरनेट आधारित कम्युनिकेशन डिवाइसेज को भी इस भत्ते के दायरे में लाया जाए। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के कारण प्रशासनिक कार्यों में इन सुविधाओं की अहम भूमिका है। टेलीफोन भत्ते की तरह मिलेगा इंटरनेट भत्ता वित्त विभाग ने स्पष्ट किया कि यह रीइंबर्समेंट श्रेणीवार उसी प्रकार दिया जाएगा, जैसा पहले टेलीफोन और मोबाइल के लिए निर्धारित किया गया था। हालांकि, इसके लिए पात्र अधिकारियों को अपने आवास पर ऐसी सुविधा की डॉक्यूमेंट्री प्रूफ संबंधित ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) को विभागाध्यक्ष के माध्यम से प्रस्तुत करनी होगी। सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश आदेशों में सभी प्रशासनिक सचिवों, राज्यपाल सचिवालय, विधानसभा सचिवालय, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और सभी विभागाध्यक्षों को इन निर्देशों की जानकारी देकर सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि यह जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए।

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