हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान (RDG) ग्रांट न मिलने के विरोध में सोमवार को NSUI (नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया) ने मंडी डीसी ऑफिस परिसर में केंद्र सरकार का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसदों की भी जमकर आलोचना की। NSUI जिलाध्यक्ष अनित जसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने आरडीजी ग्रांट रोककर हिमाचल प्रदेश के साथ अन्याय किया गया है। अनित जसवाल आरोप लगाते हुए कहा कि जब यह बजट तैयार किया जा रहा था, तब हिमाचल के कई भाजपा सांसद वहां मौजूद थे, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया। जसवाल ने भाजपा सांसदों पर ‘हिमाचलियत’ खोने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के हितों के लिए कभी आवाज नहीं उठाई। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने यह नहीं सोचा कि प्रदेश अभी भी आपदा के जख्मों से उबर रहा है। जसवाल ने मंडी की सांसद कंगना रनौत पर भी टिप्पणी की गई। केंद्र पर भेदभाव नीति की अपनाने का आरोप NSUI ने केंद्र सरकार पर प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के कारण भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के अधिकारों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। पीएम मोदी का किया वादा भी अधूरा संगठन ने यह भी दावा किया कि उत्तर भारत हिमाचल के पानी, बिजली और जंगलों की शुद्ध हवा का उपयोग करता है, लेकिन बदले में प्रदेश को कुछ नहीं मिलता। प्रदेश में पिछले दिनों आई आपदा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रदेश को 15 करोड़ रुपये देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा भी तक पूरा नहीं हुआ। केंद्र सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे NSUI ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे केंद्र सरकार की इस नीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठन ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होनें कहा कि आने वाले समय में इस भेदभाव के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ और उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।

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