चंबा जिले की दुर्गम पांगी घाटी में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी बीच, क्षेत्र में एक 14 वर्षीय बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उसे पीठ पर उठाकर 30 से 35 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाया गया। बर्फबारी से सड़कें बंद होने के कारण एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं हो पाई थी। परिजनों ने बच्चे को बर्फ से ढके कठिन रास्तों से होते हुए सिविल अस्पताल किलाड़ तक पहुंचाया। स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चे को समय पर अस्पताल लाया जा सका, जहां उसका उपचार जारी है। गौरतलब है कि चंबा जिले में पांगी घाटी में सर्वाधिक बर्फबारी हुई है, जिसके चलते घाटी का संपर्क शेष विश्व से कट गया है। प्रशासन द्वारा सुविधाओं को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। भारी बर्फबारी के कारण यहां बिजली और पानी का संकट भी गहरा गया है। स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत उजागर यह घटना पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और बर्फबारी के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाओं की आवश्यकता को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे हालात में स्वास्थ्य और बचाव सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है। पिछले दिनों पूरे विधानसभा भरमौर के कई हिस्सों से मरीजों को पीठ पर उठाकर ले जाने के ऐसे ही वीडियो सामने आए हैं।