समाज समतामूलक हो, सबको बराबरी का हक मिले, जिनके साथ पहले अन्याय हुआ है, उनका ज्यादा ध्यान रखा जाए, ये सब ठीक है, लेकिन इसके साथ-साथ अब अन्याय और परेशानी के नए रास्ते न खुलें, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है।
ESTD.2007
समाज समतामूलक हो, सबको बराबरी का हक मिले, जिनके साथ पहले अन्याय हुआ है, उनका ज्यादा ध्यान रखा जाए, ये सब ठीक है, लेकिन इसके साथ-साथ अब अन्याय और परेशानी के नए रास्ते न खुलें, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है।