हिमाचल के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी दो अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक में शिमला शहर में बढ़ती भीड़ को कम करने और प्रमुख मंडियों व बाजारों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। मीटिंग में लोअर बाजार सब्जी मंडी, अनाज मंडी, टिंबर मार्केट, मैकेनिकल मार्केट कच्ची घाटी और ट्रांसपोर्ट एरिया को शहर से बाहर शिफ्ट करने के विकल्पों पर विचार किया गया। इस मीटिंग में आवास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि, ढली फोरलेन पर पांच संभावित स्थलों को चिह्नित किया गया है। जल्द ही इन स्थलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मीटिंग में शिमला की चार पार्किंग परियोजनाओं से जुड़े विवादों पर भी चर्चा की गई। पूर्व डिप्टी मेयर ने भी सुझाव दिए शहर से भीड़ कम करने के लिए पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने भी अपने सुझाव रखे। बैठक में सीएम के इन्फ्रास्ट्रक्चर सलाहकार अनिल कपिल, नगर निगम शिमला आयुक्त भूपेंद्र अत्री और संयुक्त सचिव (कानून) विवेक ज्योति भी उपस्थित रहे। हिम चंडीगढ़ को लेकर भी चर्चा इसके बाद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में बद्दी में प्रस्तावित ‘हिम चंडीगढ़ सिटी’ को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी की बैठक हुई। इसमें मंत्री राजेश धर्माणी भी शामिल हुए। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी और भूमि से संबंधित सभी मसाबियां भी प्रदर्शित की गईं। बताया गया कि हिमुडा जल्द ही ड्रोन सर्वे के जरिए मसाबियों को डिजिटल करेगा। हाउसिंग के लिए 3,428 बीघा भूमि आवंटित मीटिंग में जानकारी दी गई कि हाउसिंग के लिए 3,428 बीघा भूमि आवंटित की जा चुकी है, जबकि कॉमन पूल की करीब पांच से छह हजार बीघा भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। हिमुडा और राजस्व विभाग को एक माह के भीतर जमीन को लेकर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। मीटिंग में हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र वशिष्ठ भी मौजूद रहे।

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