हिमाचल के सिरमौर जिला से संबंध रखने वाले मशहूर डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर ‘द ग्रेट खली’ उर्फ दलीप सिंह राणा ने पांवटा साहिब से जुड़े जमीन विवाद को लेकर राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मंगलवार को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच कमेटी बदलने और संबंधित तहसीलदार की संपत्ति की जांच करवाने की मांग की। द ग्रेट खली ने आरोप लगाया कि पांवटा साहिब के राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। अधिकारी खुद को संविधान से ऊपर समझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि न केवल उन्हें, बल्कि करीब 100 अन्य लोगों को भी उनकी पुश्तैनी जमीन से अवैध तरीके से बेदखल किया गया है। पिता की खरीदी जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर बाहर किया: खली खली ने दावा किया कि पांवटा साहिब के सूरजपुर क्षेत्र में उनके पिता ने करीब 16 बीघा जमीन खरीदी थी। अब उन्हें उसी जमीन से गलत दस्तावेज तैयार कर बाहर कर दिया गया। जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां तैनात तहसीलदार ने नियमों को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की। 100 लोगों के साथ ऐसी ठगी हो चुकी: खली खली ने कहा- उनके साथ-साथ अन्य लोगों को भी यह कहकर जमीन से बेदखल किया गया कि यह जमीन उनकी नहीं है। खली ने दावा किया कि अब तक लगभग 100 लोग इस कथित घोटाले का शिकार हो चुके हैं और पांवटा साहिब में कई सार्वजनिक पार्क तक बेच दिए गए हैं। इस मामले को लेकर वह इससे पहले नाहन और पांवटा साहिब में भी दो बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं। DC द्वारा गठित कमेटी निष्पक्ष जांच नहीं कर रही: खली खली ने बताया कि डीसी को शिकायत देने के बाद एक जांच कमेटी गठित की गई थी, लेकिन उनका आरोप है कि यह कमेटी निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार से जांच कमेटी बदलने की मांग दोहराई। सीएम सुक्खू से शिकायत करेंगे खली द ग्रेट खली ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात करेंगे। उन्हें भरोसा है कि सीएम उन्हें न्याय दिलाएंगे। साथ ही उन्होंने संबंधित तहसीलदार की संपत्ति की विस्तृत जांच करवाने की मांग भी दोहराई।