हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के संगड़ाह क्षेत्र में एक नागा साधु के साथ कथित तौर पर पंचायत उप प्रधान और ग्रामीणों ने दबंगई दिखाई। आरोप है कि साधु की जबरन दाढ़ी और जटाएं काट दी गईं। पीड़ित नागा साधु प्रवेश गिरी ने FIR करवा दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला संगड़ाह से सटे गांव लगनू गांव का है। बताया जा रहा है कि नागा साधु चार-पांच साल से गांव में रह रहा था। बीते 15 जनवरी को ग्रामीणों ने साधु के साथ बदसलूकी की। 17 जनवरी को साधु ने संगड़ाह पुलिस थाना में FIR कराई। इसके एक दिन बाद साधु के साथ कथित जोर जबरदस्ती और जटाएं काटने से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। यह घटना न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार मानी जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि साधु शराब पीकर लोगों के दरवाजे पर आता और हंगामे करता। पंचायत उपप्रधान और ग्रामीणों पर आरोप नागा साधु ने संगड़ाह पंचायत के उपप्रधान सत्तपाल तोमर, स्थानीय निवासी लेखराम और सुरेश के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। साधु का कहना है कि इन लोगों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि उसकी धार्मिक पहचान से जुड़े जटाओं और दाढ़ी को भी जबरन काट दिया। नागा साधुओं के लिए जटाएं और दाढ़ी केवल बाहरी स्वरूप नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और साधना का अभिन्न हिस्सा होती हैं। ऐसे में यह कृत्य धार्मिक भावनाओं को आहत करने के साथ-साथ मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में भी आता है। पुलिस जांच और प्रशासन की भूमिका पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने तलब करेगी। इससे पहले पुलिस ने पीड़ित साधु के बयान कलमबद्ध कर दिए है और जिस जगह जटाएं व दाढ़ी काटी गई, उस जगह का भी मुआयना कर दिया है। पुलिस साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। वीडियो में नजर आ रहे प्रत्यक्षदर्शियों को भी पूछताछ में शामिल किया जाएगा। धार्मिक सहिष्णुता पर सवाल यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका, धार्मिक सहिष्णुता और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। पंचायत उपप्रधान जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति पर इस तरह के आरोप लगना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है। फिलहाल नागा साधु प्रवेश गिरी न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं, जबकि पूरा मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में जाती है और दोषियों के खिलाफ कानून कितनी सख्ती से लागू होता है। किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299, 122(2), 392(2) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। ये धाराएं अपने आप में गंभीर मानी जाती हैं और गैर-जमानती अपराधों की श्रेणी में भी आ सकती हैं। नागा साधु ने नया वीडियो बयान जारी किया नागा साधु ने एक ताजा वीडियो जारी किया है। इसमें वह उपप्रधान पर प्रताड़ित करने के आरोप लगा है। इस वीडियो में साधु कह रहा है कि FIR वापस लेने के लिए दबाव डालने को उप प्रधान ने नागा साधु पर भी झूठी एफआईआर कराई है। नागा साधु सनातन के अपमान का आरोप लगा रहा है। साधु कह रहा है कि उन्हें मार देने की धमकियां मिल रही है। BNS की धाराएं कब लगती हैं?