हिमाचल प्रदेश में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अफसरों के शासक बनने के बयान पर घमासान छिड़ गया है। विक्रमादित्य के बयान पर सुक्खू कैबिनेट के 2 मंत्री जगत नेगी और अनिरुद्ध सिंह असहमति जता चुके हैं। अनिरुद्ध और विक्रमादित्य की जुबानी जंग सियासी गलियारों में चर्चा का कारण बन गई है। हिमाचल की IAS-IPS एसोसिएशन ने भी विक्रमादित्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बीच, विक्रमादित्य सिंह ने भी सुक्खू के करीबी पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर तीखा जुबानी हमला बोला। उन्होंने अनिरुद्ध सिंह को NHAI अधिकारियों के साथ की मारपीट याद दिलाई। इससे सरकार की फूट खुलकर सामने आ गई है। अब सिलसिलेवार पढ़े, कैसे शुरू हुआ विवाद? मंडी रैली में डिप्टी सीएम ने भी अफसरशाही पर बोला था हमला विक्रमादित्य सिंह ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के मंडी रैली में 12 दिसंबर 2025 को दिए बयान का समर्थन किया था। दरअसल, अग्निहोत्री ने भी अफसरशाही को मंडी रैली में चेतावनी दी थी। उन्होंने सीएम सुक्खू की तरफ इशारा करते हुए कहा- अफसरशाही से रात के अंधेरे में निपट होगा। प्रदेश में कांग्रेस सरकार होते हुए कुछ अफसर भाजपा नेताओं के घरों में हाजरियां भर रहे हैं। सुक्खू जी, ऐसे काम नहीं चलेगा, दोनों हाथों में डंडा उठाओं, अफसरों पर लगाम कसो, टाइम आ गया है। कोई हमे कुचलने की कोशिश करेगा तो हम उसे नेस्तनाबूद कर देंगे। पूर्व CPS नीरज भी अफसरशाही के विरोध में उतरे पूर्व CPS नीरज भारती ने भी बाहरी राज्यों के अधिकारियों को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर क्या लिखा- भवानी पठानिया जंग में कूदे इस बीच कांग्रेस के मंत्री भवानी पठानिया भी देर रात इस जंग में कूद गए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा- खाकी संग खाकी मिले, कोट को नित टाई का साथ. कुर्ता होवै तार तार सदा, दूजे कुर्ते वाले के हाथ मतलब वर्दीधारी लोग आपस में एकजुट रहते हैं और एक-दूसरे का साथ देते हैं। अफसर भी हमेशा अफसर का ही साथ देता है। नेता या आम आदमी ही हमेशा फंसता है, उसकी हालत खराब होती है। राजनीति में नेता ही नेता एक-दूसरे को ही नुकसान पहुंचाते हैं। मंत्री खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाल रहे सीएम सुक्खू के मंत्री बेलगाम हो गए हैं। मीडिया के सवाल पर मंत्री खुलकर एक-दूसरे के खिलाफ भड़ास निकाल रहे हैं। इससे कांग्रेस में अंदरूनी फूट बढ़ती जा रही है। राजनीति के जानकारों की माने तो इसके दूरगामी परिणाम कांग्रेस सरकार के लिए अच्छे नहीं होंगे। मंत्रियों में टकराव बढ़ता जाएगा।