हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हाल ही में हुए बस हादसे के बाद रेणुकाजी क्षेत्र की खूड-द्राबिल पंचायत के ग्रामीणों ने सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। दो वर्षों से खराब पड़ी सड़क ग्रामीणों का आरोप है कि खूड-द्राबिल की यह सड़क पिछले करीब दो वर्षों से बेहद खराब हालत में है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा खाई की ओर धंस चुका है, जबकि शेष भाग गड्ढों से भरा है। ग्रामीणों के अनुसार, इस सड़क से गुजरना जोखिम भरा है और बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। हालिया बस हादसे ने लोगों में डर और गुस्सा बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते, तो कई जानें बचाई जा सकती थी। कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद विभाग ने सड़क सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सड़क किनारे न सुरक्षा पैरापेट्स लगाए गए हैं और न ही चेतावनी संकेतक बोर्ड हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को हर पल खतरा रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। प्रशासन को दी चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि यह सड़क केवल एक पंचायत नहीं, बल्कि कई गांवों की जीवन रेखा है, और इसे सुरक्षित बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।